अमेरिका लगातार नेपाल के संपर्क में, लापता लोगों की तलाश में वाशिंगटन की काठमांडू से मदद की पेशकश
वाशिंगटन/काठमांडू, ट्रंप प्रशासन नेपाल में लापता लोगों के बारे में
चिंतित है। वाशिंगटन ने काठमांडू से बचाव अभियान में शामिल होने की पेशकश
की है। नेपाल टूरिज्म बोर्ड के प्रमुख के अनुसार, इस जल आपदा में लापता
लोगों में 65 अमेरिकी नागरिक भी शामिल हैं। नेपाल पुलिस ने बताया कि बुधवार
को आई बाढ़ में 1,400 से ज्यादा लोग लापता हैं। चीन के सरकारी प्रसारक
सीसीटीवी के अनुसार, तिब्बत में 558 लोग लापता हैं। इनमें से 260 विदेशी
हैं।
सीबीएस न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप
ने गुरुवार को ओवल ऑफिस में पत्रकारों को जानकारी दी कि प्रशासन नेपाल
सरकार के लगातार संपर्क में है। अमेरिकी अधिकारियों ने नेपाली नेताओं से
बात की है और उन्हें बचाव अभियान में जुड़ने के साथ हर तरह की मदद देने की
पेशकश की है। ट्रंप ने कहा कि हमारे कितने नागरिक लापता हैं, इसकी पक्की
जानकारी नहीं है। मगर नेपाल टूरिज्म बोर्ड के मुताबिक, 65 अमेरिकी लापता
हैं।
नेपाल टूरिज्म बोर्ड के सीईओ हिकमत सिंह अय्यर ने कम से कम 65
अमेरिकी नागरिकों के लापता होने की पुष्टि करते हुए कहा कि रसुवा जिले के
बाढ़ प्रभावित इलाके से 27 विदेशी नागरिकों को बचाया गया है। उनमें दो
अमेरिकी नागरिक (एक पुरुष और एक महिला) हैं। अमेरिकी विदेश विभाग के एक
प्रवक्ता के अनुसार, नेपाल में प्रभावित नागरिकों की संख्या लगभग 90 हो
सकती है। अभी तक किसी अमेरिकी की मौत की जानकारी नहीं है।
विदेश
विभाग ने कहा कि जरूरतमंद अमेरिकी मदद के लिए +1-202-501-4444 पर फोन कर
सकते हैं। अपने प्रियजनों के बारे में चिंतित परिवार और दोस्त टोल-फ्री
नंबर +1-888-407-4747 पर संपर्क कर सकते हैं।
नेपाल में अमेरिकी
दूतावास ने बाढ़ में जान गंवाने वालों के परिवारों और प्रियजनों के प्रति
गहरी संवेदना व्यक्त की है। दूतावास ने कहा कि वह लापता अमेरिकी नागरिकों
का पता लगाने के लिए काम कर रहा है। दूतावास ने नेपाल के बाढ़ग्रस्त
क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी नागरिकों से अपील की कि वे जल्द से जल्द अपने
परिवारों, होटलों, गाइडों या ट्रैकिंग और टूर कंपनियों से संपर्क करने की
कोशिश करें। हालांकि, दूतावास ने कहा कि संचार व्यवस्था अभी भी बुरी तरह
बाधित है।
अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि वह स्थिति पर बारीकी से
नजर रख रहा है। राहत कार्यों में मदद के लिए एक सलाहकार भेज रहा है।
कैथोलिक रिलीफ सर्विसेज को 500,000 डॉलर की ग्रांट भी दी जा रही है। भारतीय
आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु वासुदेव के ईशा फाउंडेशन की लेस्ली क्रेस्पी ने
कहा कि इस आपदा में उनके संगठन से संबद्ध 80 लोग लापता हैं। यह सभी कैलाश
मानसरोवर की तीर्थयात्रा पर गए थे।
क्रेस्पी ने बताया कि लापता 80
लोग 19 देशों से हैं। इनमें 22 अमेरिकी भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि
लगभग 1,000 लोग इस तीर्थयात्रा में शामिल थे।
अमेरिकी नागरिक दीपक
डंडू ने बताया कि उनकी पत्नी श्रीदेवी वेजेला भी नेपाल में लापता हुए लोगों
में शामिल हैं। उन्होंने ईशा फाउंडेशन के साथ तिब्बत में कैलाश पर्वत की
तीर्थयात्रा पूरी की थी। वे चीन से नेपाल में प्रवेश कर रही थीं, तभी बाढ़ आ
गई।















