इस्लामाबाद में सोमवार को हो सकती है अमेरिका-ईरान के बीच अगले दाैर की वार्ता
इस्लामाबाद, पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव को खत्म
करने के लिए अहम बातचीत का दूसरा दौर इस्लामाबाद में सोमवार को शुरू हो
सकता है। दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों के आगमन की तैयारियां भी तेज हो
गई हैं।
यह घटनाक्रम ऐसे समय पर सामने आया है जब पाकिस्तान सक्रिय
मध्यस्थ की भूमिका निभाते हुए शांति बहाली की कोशिशों में जुटा है और हाल
ही में सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने तेहरान में उच्चस्तरीय बैठकों के जरिए
कूटनीतिक प्रयासों को नई दिशा दी है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि
क्या यह बातचीत लंबे समय से चले आ रहे संघर्ष को खत्म करने की दिशा में कोई
ठोस परिणाम दे पाएगी।
तुर्किए की सरकारी संवाद समिति अनादोलू
एजेंसी ने पाकिस्तानी सूत्रों के हवाले से बताया कि अमेरिका और ईरान के
प्रतिनिधिमंडलों के आने के लिए तैयारियां शुरू हो चुकी हैं, क्योंकि युद्ध
खत्म करने की कोशिशें जारी हैं।
यह खबर तब आई जब पाकिस्तान के सेना प्रमुख ने इस हफ़्ते तेहरान में ईरान के प्रमुख अधिकारियों के साथ आमने-सामने बैठकें कीं।
पाकिस्तानी
सरकारी सूत्रों ने शनिवार को अनादोलू को बताया कि अमेरिका और ईरान की
टीमें सोमवार को ही पाकिस्तान की राजधानी में अपने तकनीकी-स्तर के
प्रतिनिधियों के साथ बातचीत का दूसरा दौर कर सकती हैं।
सूत्रों ने
बताया कि दोनों पक्षों की तकनीकी-स्तर की टीमों के इस्लामाबाद में बातचीत
के अगले दौर के लिए "संभवतः सोमवार को" मिलने की उम्मीद है, ताकि अमेरिका
और ईरान के बीच हफ़्तों से चल रहे संघर्ष का बातचीत के ज़रिए कोई हल निकाला
जा सके। इस संघर्ष ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और पूरे मध्य-पूर्व में
रोज़मर्रा की ज़िंदगी को ठप कर दिया है।
सूत्रों ने बताया कि दोनों
विरोधी पक्षों के वार्ताकार 11-12 अप्रैल को इस्लामाबाद में बातचीत का पहला
दौर खत्म होने के बाद से ही इस्लामाबाद के जरिए एक-दूसरे को संदेश भेज रहे
हैं, ताकि बहुप्रतीक्षित बातचीत के अगले चरण की शुरुआत से पहले "अधिकतम
सहमति" तक पहुंचा जा सके।
पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिफ
मुनीर ने इस हफ़्ते तेहरान में ईरान के नागरिक और सैन्य नेतृत्व के साथ
आमने-सामने बातचीत की, जिसके दौरान ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को
वाणिज्यिक जहाजों के लिए खुला घोषित कर दिया।
ट्रंप ने गुरुवार को
कहा कि अगर ईरान के साथ कोई समझौता हो जाता है, तो वह समझौते पर हस्ताक्षर
करने के लिए इस्लामाबाद जा सकते हैं।उन्होंने पत्रकारों से कहा कि मैं
पाकिस्तान जाऊंगा, हां। पाकिस्तान बहुत अच्छा रहा है, अगर समझौता
इस्लामाबाद में होता है, तो मैं जा सकता हूं।
एक पाकिस्तानी सरकारी
अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि अमेरिका और ईरान के
प्रतिनिधिमंडलों के साथ-साथ इस कार्यक्रम को कवर करने वाले मीडियाकर्मियों
के आने के लिए लॉजिस्टिक इंतज़ाम पहले ही शुरू हो चुके हैं।
अमेरिका मीडिया ने शुक्रवार को बताया था कि इस्लामाबाद में सोमवार को
बातचीत होने की उम्मीद है। बातचीत के अगले दौर के समय के बारे में किसी भी
पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। ईरानी सूत्रों ने भी
बताया कि दोनों पक्षों के वार्ताकारों के रविवार को इस्लामाबाद पहुंचने की
उम्मीद है।















