खान्द्रा कोलियरी के नाग काजोड़ा यूनिट में गैस और आग की मौजूदगी से श्रमिक चिंतित
पश्चिम
बर्दवान, अंडाल के बांकोला एरिया अंतर्गत ईसीएल की
खान्द्रा कोलियरी के नाग काजोड़ा यूनिट में खदान के नीचे कुछ स्थानों पर
गैस और आग की मौजूदगी मिलने के बाद कोलियरी में कामकाज प्रभावित हो गया है।
शनिवार रात खदान के नीचे आग की मौजूदगी का पता चलने के बाद वहां कार्यरत
श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। वहीं, कोलियरी को फिलहाल बंद
करने की तैयारी की जा रही है। कोलियरी के बंद होने की आशंका से यहां
कार्यरत करीब 300 श्रमिकों में चिंता का माहौल है। रविवार को इस मुद्दे को
लेकर कोलियरी की सभी श्रमिक यूनियनों के प्रतिनिधियों ने बैठक कर कोलियरी
को बचाने और स्थिति को सामान्य करने को लेकर चर्चा की।
बैठक में
कोलियरी के एजेंट एम. सिंह ने बताया कि फिलहाल श्रमिकों की सुरक्षा को
ध्यान में रखते हुए कोलियरी को बंद करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
हालांकि, उन्होंने कहा कि जल्द ही खदान के नीचे लगी आग पर काबू पाने का
प्रयास किया जाएगा और इसके बाद कोलियरी को दोबारा चालू करने की कोशिश की
जाएगी।
दूसरी ओर, सीटू नेता अहमद खान ने मौजूदा स्थिति के लिए
कोलियरी प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि प्रबंधन से उनका
सवाल है कि आखिर कोलियरी को बंद क्यों किया जा रहा है और कितने समय में
स्थिति सामान्य होगी। साथ ही उन्होंने श्रमिकों के भविष्य को लेकर भी सवाल
उठाया।
अहमद खान ने स्पष्ट किया कि नाग काजोड़ा यूनिट में कार्यरत
श्रमिकों का किसी अन्य स्थान पर तबादला किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया
जाएगा। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर सभी श्रमिक संगठन एकजुट होकर बड़े
आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।
फिलहाल खदान के नीचे आग और गैस की
स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास जारी है। श्रमिकों की सुरक्षा को देखते
हुए प्रबंधन की ओर से आगे क्या कदम उठाया जाता है, इस पर सभी की नजर बनी
हुई है।















