झारखंड के युवा के लिए Skill-Based Career की मिसाल, ITI Tamar के प्रशिक्षण से बुंडू के देव कृष्ण सुमन को हांगकांग में नौकरी
रांची/बुंडू: झारखंड के ग्रामीण इलाके के युवाओं के लिए Skill-Based Education किस तरह रोजगार के नए रास्ते खोल सकती है, इसकी एक प्रेरक मिसाल बुंडू के गोसाईडीह गांव के देव कृष्ण सुमन ने पेश की है। ITI Tamar से तकनीकी प्रशिक्षण हासिल करने के बाद देव कृष्ण सुमन ने न केवल देश में अपनी तकनीकी दक्षता विकसित की, बल्कि 2026 में हांगकांग में अंतरराष्ट्रीय नौकरी हासिल की। उनकी कहानी इस बात को सामने लाती है कि व्यावसायिक शिक्षा और इंडस्ट्री-आधारित प्रशिक्षण युवाओं को स्थानीय रोजगार से आगे बढ़कर अंतरराष्ट्रीय अवसरों तक पहुंचने में मदद कर सकते हैं। देव कृष्ण सुमन ने वर्ष 2020 में ITI Tamar में Turner ट्रेड में दाखिला लिया था। ITI Tamar को Tata Steel Foundation ने झारखंड सरकार के सहयोग से Public-Private Partnership मॉडल के तहत स्थापित किया है। संस्थान का उद्देश्य ग्रामीण युवाओं को तकनीकी कौशल देकर उन्हें रोजगार के लिए तैयार करना है। संस्थान में Fitter, Electrician, Turner और Welder जैसे तकनीकी ट्रेड संचालित किए जाते हैं। देव की शिक्षा के दौरान कोरोना महामारी के कारण कई चुनौतियां भी आईं, लेकिन उन्होंने तकनीकी प्रशिक्षण के साथ अपनी व्यावहारिक दक्षता बढ़ाने पर लगातार ध्यान दिया। ITI से प्रशिक्षण पूरा करने के बाद देव को CTC India में कैंपस प्लेसमेंट मिला। इसके बाद उन्होंने जमशेदपुर में RKFL में अप्रेंटिसशिप भी की। इस दौरान उन्होंने औद्योगिक मशीनों के संचालन के साथ-साथ CNC Programming जैसी तकनीकी क्षमताओं पर काम किया। 2023 से 2025 के बीच उन्होंने अपने तकनीकी अनुभव को और मजबूत किया। उनकी मेहनत और लगातार सीखने की आदत ने उन्हें आगे बढ़ने में मदद की और वह प्रोग्रामर की भूमिका तक पहुंचे। देव के लिए सबसे बड़ा अवसर तब आया जब उन्हें हांगकांग में नौकरी के लिए इंटरव्यू का मौका मिला। यह चयन प्रक्रिया TSTI, बर्मामाइंस से आयोजित हुई थी। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, इस पद के लिए प्रतिस्पर्धी चयन प्रक्रिया में देव सफल रहे। इसके बाद 2026 में उन्हें VSC Construction Steel Solutions Ltd., Hong Kong में नौकरी मिली। रिपोर्टों के अनुसार, उन्हें लगभग ₹2.08 लाख प्रतिमाह का पैकेज मिला है और यात्रा तथा आवास की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। देव कृष्ण सुमन की सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, वह ITI Tamar से उसी हांगकांग की कंपनी में नियुक्त होने वाले 38वें trainee बने हैं। ITI Tamar के trainees का हांगकांग में नौकरी हासिल करने का सिलसिला नया नहीं है। वर्ष 2018 में भी Tata Steel समर्थित ITI Tamar के तीन प्रशिक्षुओं—Amil Hassan, Partho Pramanik और Narendra Kumar Mahato—को हांगकांग में Assistant Technician के पद पर नौकरी मिली थी। उस समय TVSC Construction Steel Solutions को हांगकांग में अपने Rebar Processing Plant के लिए skilled workers की आवश्यकता थी। 2021 की रिपोर्ट में भी ITI Tamar के प्रशिक्षुओं के हांगकांग में काम करने का उल्लेख किया गया था। उस समय संस्थान की ओर से बताया गया था कि कई प्रशिक्षुओं को विदेशी कंपनियों में अवसर मिले हैं। देव कृष्ण सुमन की कहानी बताती है कि आज के रोजगार बाजार में केवल पारंपरिक शैक्षणिक डिग्री ही करियर का एकमात्र रास्ता नहीं है। तकनीकी ट्रेड में विशेषज्ञता, मशीनों का व्यावहारिक ज्ञान, CNC Programming और इंडस्ट्रियल अनुभव जैसे कौशल भी युवाओं के लिए रोजगार के महत्वपूर्ण साधन बन सकते हैं। विशेष रूप से मैन्युफैक्चरिंग, ऑटोमोबाइल, इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल, वेल्डिंग, मशीनिंग और ऑटोमेशन जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षित तकनीकी कर्मचारियों की जरूरत रहती है। ITI Tamar का मॉडल ग्रामीण और आर्थिक रूप से सामान्य परिवारों से आने वाले युवाओं के लिए खास महत्व रखता है। संस्थान का उद्देश्य ही युवाओं को skill enhancement के माध्यम से employable बनाना है। संस्थान की वेबसाइट के अनुसार, ITI Tamar NCVT से संबद्ध है और Fitter, Electrician, Turner तथा Welder जैसे ट्रेड उपलब्ध कराता है। Tata Steel Foundation से जुड़े आंकड़ों पर प्रकाशित 2025 की रिपोर्ट के अनुसार, उसके ITI और skill-development कार्यक्रमों के माध्यम से बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार मिला है और इनमें अंतरराष्ट्रीय प्लेसमेंट भी शामिल हैं। देव कृष्ण सुमन की यात्रा यह भी दिखाती है कि ITI प्रशिक्षण के बाद करियर का रास्ता केवल शुरुआती स्तर की नौकरी तक सीमित नहीं रहता। यदि युवा लगातार अपनी technical skills को अपडेट करते रहें, industrial experience हासिल करें और नई तकनीकों को सीखते रहें, तो वे आगे बेहतर पदों और अंतरराष्ट्रीय अवसरों के लिए प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं। Turner जैसे ट्रेड में CNC Programming और आधुनिक मशीन संचालन जैसी अतिरिक्त क्षमताएं इस तरह के करियर में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। झारखंड के बड़ी संख्या में युवा ग्रामीण और छोटे शहरों से आते हैं। ऐसे युवाओं के लिए देव कृष्ण सुमन की कहानी यह दिखाती है कि स्थानीय स्तर पर प्राप्त vocational training को गंभीरता से लेकर तकनीकी कौशल विकसित किया जाए तो रोजगार के अवसर केवल राज्य या देश तक सीमित नहीं रहने जरूरी नहीं हैं। हांगकांग में नौकरी हासिल करने वाले देव की यात्रा में ITI Training, Apprenticeship, Industrial Experience, लगातार Skill Development और Competitive Selection जैसे कई चरण शामिल रहे। ITI Tamar के प्रशिक्षुओं को पहले भी हांगकांग में रोजगार के अवसर मिल चुके हैं। 2018 में संस्थान के तीन प्रशिक्षुओं को हांगकांग में Assistant Technician की नौकरी मिली थी और उन्हें आवास तथा परिवहन जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई थीं। वहीं 2026 में देव कृष्ण सुमन की सफलता इस कड़ी की नई मिसाल बनकर सामने आई है। इससे यह संकेत मिलता है कि यदि vocational education को industry requirements, practical training और placement support के साथ जोड़ा जाए, तो skilled youth के लिए international employment के रास्ते भी खुल सकते हैं। देव कृष्ण सुमन की कहानी से झारखंड के युवाओं के लिए सबसे महत्वपूर्ण संदेश है कि Skill सीखना केवल नौकरी पाने का माध्यम नहीं, बल्कि लंबे समय के करियर निर्माण की शुरुआत हो सकता है। ITI, apprenticeship और industry-based training के जरिए युवा अपने technical foundation को मजबूत कर सकते हैं और अनुभव के साथ आगे बढ़ सकते हैं। बुंडू के एक ग्रामीण युवा का ITI Tamar से प्रशिक्षण लेकर हांगकांग तक पहुंचना इस बात की एक वास्तविक मिसाल है कि सही प्रशिक्षण, निरंतर मेहनत और तकनीकी कौशल के संयोजन से स्थानीय प्रतिभा अंतरराष्ट्रीय रोजगार बाजार तक पहुंच सकती है।2020 में ITI Tamar में लिया दाखिला
पढ़ाई के साथ तकनीकी कौशल पर दिया जोर
हांगकांग की नौकरी ने बदली दिशा
ITI Tamar से हांगकांग पहुंचने वाले 38वें trainee
Skill-Based Education क्यों बन रही है महत्वपूर्ण?
ग्रामीण युवाओं के लिए बड़ी संभावना
सिर्फ नौकरी नहीं, करियर का रास्ता
झारखंड के युवाओं के लिए प्रेरणा
International Employment की ओर बढ़ता रास्ता
युवाओं के लिए क्या है संदेश?















