हेवी लाइसेंस और महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर फोकस, सीएम हेमंत सोरेन ने DC-DTO को दिए सख्त निर्देश

रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य में परिवहन व्यवस्था को अधिक सक्षम, पारदर्शी और रोजगारोन्मुख बनाने के उद्देश्य से जिला उपायुक्तों (DC) और जिला परिवहन पदाधिकारियों (DTO) के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि हेवी मोटर वाहन (HMV) ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए तथा परिवहन क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। यह समीक्षा विभागवार प्रशासनिक कार्यों की निगरानी के क्रम में आयोजित की गई। 

पलामू, सरायकेला-खरसावां और धनबाद के DC से सीधा संवाद

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने पलामू, सरायकेला-खरसावां और धनबाद के उपायुक्तों से सीधे संवाद कर जिलों में हेवी वाहन लाइसेंस जारी करने की स्थिति, प्रशिक्षण केंद्रों की उपलब्धता, लंबित आवेदनों और महिला अभ्यर्थियों की संख्या की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि लाइसेंस प्रक्रिया में देरी के क्या कारण हैं और उन्हें दूर करने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।

हेवी वाहन चालकों की बढ़ती मांग पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड में खनन, उद्योग, निर्माण और परिवहन गतिविधियों के विस्तार के कारण प्रशिक्षित हेवी वाहन चालकों की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में युवाओं को अधिक संख्या में हेवी ड्राइविंग लाइसेंस उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रशिक्षण और लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया को सरल, तेज और पारदर्शी बनाया जाए ताकि युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें।

महिलाओं को परिवहन क्षेत्र से जोड़ने की पहल

हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि महिलाओं को व्यावसायिक ड्राइविंग, प्रशिक्षण और लाइसेंस प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। इसके लिए विशेष जागरूकता अभियान, प्रशिक्षण शिविर और सुविधाजनक व्यवस्था विकसित करने पर भी जोर दिया गया।

जनसेवा में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त

मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि परिवहन विभाग की सेवाओं का सीधा संबंध आम जनता से है। इसलिए ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन पंजीकरण और अन्य सेवाओं में अनावश्यक देरी या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से लंबित मामलों का निपटारा करने और प्रत्येक जिले में नियमित समीक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।जवाबदेही तय करने के संकेत

बैठक के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जिलों के प्रदर्शन की नियमित निगरानी की जाएगी। बेहतर कार्य करने वाले जिलों को प्रोत्साहित किया जाएगा, जबकि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाएगी। सरकार का उद्देश्य परिवहन सेवाओं को अधिक सुगम, पारदर्शी और रोजगार सृजन के अनुकूल बनाना है।