फलता में जहांगीर खान की पत्नी रेजिना बीबी गिरफ्तार, थाना घेराव की साजिश का आरोप
कोलकाता, पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के फलता क्षेत्र में पुलिस ने शनिवार सुबह तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक जहांगीर खान की पत्नी रेजिना बीबी को गिरफ्तार कर लिया। रेजिना बीबी पिछले कुछ दिनों से फरार चल रही थीं। उन पर आरोप है कि उन्होंने अपने पति को थाने से छुड़ाने की साजिश का नेतृत्व किया था और उनके नेतृत्व में फलता थाने का घेराव कर पुलिस पर हमले की कोशिश की गई थी।
पुलिस ने रेजिना बीबी के खिलाफ हथियार अधिनियम और विस्फोटक अधिनियम समेत कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार, पूरे घटनाक्रम की योजना पहले से बनाई गई थी और इसमें रेजिना बीबी की भूमिका प्रमुख थी।
जहांगीर खान वर्ष 2026 के विधानसभा चुनाव में फलता विधानसभा सीट से तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार थे। चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने स्वयं को ‘पुष्पा’ बताते हुए दावा किया था कि वह किसी भी परिस्थिति में झुकेंगे नहीं। हालांकि विधानसभा चुनाव में राज्यभर में तृणमूल कांग्रेस को भारी नुकसान उठाना पड़ा। फलता सीट पर पुनर्मतदान की घोषणा के बाद जहांगीर खान ने चुनावी मुकाबले से खुद को अलग कर लिया था। बाद में इस सीट पर भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार ने भारी मतों से जीत दर्ज की, जबकि जाहांगिर चौथे स्थान पर रहे।
पुलिस कई मामलों में जहांगीर खान की तलाश कर रही थी। लंबे अभियान के बाद उसे नेपाल सीमा के पास से गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने कई बार फलता की सड़कों पर उसे हाफ पैंट पहनाकर और कमर में रस्सी बांधकर घुमाया था। इसके विरोध में रेजिना बीबी के नेतृत्व में प्रदर्शन किया गया था।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, जहांगीर खान को थाने से छुड़ाने की योजना पूरी तरह पूर्व नियोजित थी। घटना से एक दिन पहले रेजिना बीबी की अध्यक्षता में बैठक हुई थी, जिसमें तय किया गया कि फलता थाने से करीब तीन किलोमीटर दूर समर्थकों को इकट्ठा किया जाएगा और वहां से संगठित होकर थाने पर हमला कर जाहांगिर खान को छुड़ाने की कोशिश की जाएगी।
इस मामले में अब तक 25 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। रेजिना बीबी की गिरफ्तारी के साथ इस कार्रवाई को और तेज कर दिया गया है।
उल्लेखनीय है कि गत बुधवार को फलता में जनकल्याण शिविर के दौरान मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने प्रदर्शनकारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा था कि किसी भी प्रकार की गुंडागर्दी या उग्र गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिया था कि थाने पर हमले के वीडियो में दिखाई देने वाले लोगों के खिलाफ देशद्रोह की धाराओं में मामला दर्ज किया जाए।














