नई दिल्ली,   लोकसभा में एलपीजी सिलेंडर संकट पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन की गरिमा बनाए रखने और नियमों का पालन करने की नसीहत दी। राहुल गांधी ने इस विषय पर बोलने के लिए नोटिस दिया था और अध्यक्ष ने उन्हें अनुमति भी दी थी। उन्होंने पश्चिम एशिया में युद्ध और ऊर्जा सुरक्षा पर बोलना शुरू किया, लेकिन बीच में एप्सटीन और जॉर्ज सोरोस का मुद्दा उठाने पर अध्यक्ष ने उन्हें रोक दिया।

बिरला ने कहा कि राहुल गांधी ने गैस संकट और ऊर्जा सुरक्षा पर बोलने का नोटिस दिया था और अनुमति भी उसी विषय पर दी गई थी। यदि उन्हें किसी अन्य मुद्दे पर बोलना था तो पहले से नोटिस देना चाहिए था। विपक्ष का जिम्मेदार नेता होने के बावजूद बिना नोटिस के दूसरे मुद्दों पर चर्चा करना संसद की प्रक्रिया और नियमों के अनुरूप नहीं है। अध्यक्ष ने स्पष्ट कहा कि संसद नियमों और प्रक्रियाओं के हिसाब से चलेगी और सभी को इसका पालन करना होगा। सदन की गरिमा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है और नियमों का पालन करना अनिवार्य है। संसद इस तरह से नहीं चलेगी, बल्कि नियमों और प्रक्रियाओं के अनुसार ही चलेगी।

राहुल ने कहा कि अमेरिका, इज़रायल और ईरान के बीच जंग छिड़ी हुई है और इसके गंभीर परिणाम होंगे। होर्मुज जलडमरूमध्य, जहां से दुनिया का 20 प्रतिशत तेल आता है, बंद हो गया है और इसका असर भारत पर गंभीर रूप से पड़ेगा क्योंकि हमारे तेल और प्राकृतिक गैस का बड़ा हिस्सा वहीं से आता है। यह अभी शुरू हुआ है, रेस्तरां बंद हो रहे हैं, एलपीजी को लेकर भारी अफरा-तफरी है और सड़क किनारे छोटे विक्रेताओं पर असर पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि हर देश की नींव उसकी ऊर्जा सुरक्षा होती है और यह हल्की बात नहीं है। यह हैरान करने वाली बात है कि भारत जैसा बड़ा देश किसी दूसरे देश को यह तय करने दे कि हम किससे तेल खरीदें और किससे गैस। यह पहेली समझौते से जुड़ी है और उन्होंने इसे सुलझा लिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत के तेल मंत्री मिस्टर एप्सटीन के दोस्त हैं और उनके पास दस्तावेज हैं जिनसे पता चलता है कि उनकी बेटी को जॉर्ज सोरोस से पैसे मिले हैं।

अध्यक्ष ने इस पर उन्हें रोकते हुए कहा कि यह विषय उनके नोटिस में नहीं था और उन्हें केवल ऊर्जा सुरक्षा पर बोलने की अनुमति दी गई थी। संसद की कार्यवाही नियमों और प्रक्रियाओं से चलती है और सभी सदस्यों को इसका पालन करना चाहिए।