बलूचिस्तान में ऑपरेशन शबान में 3 और आतंकवादी ढेर, कुल संख्या 67 पहुंची
क्वेटा, पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में सुरक्षा बलों का
संयुक्त अभियान 'ऑपरेशन शबान' लगातार जारी है। रविवार को सुरक्षा बलों ने
अभियान के दौरान तीन और आतंकवादियों को मार गिराया। इसके साथ ही इस ऑपरेशन
में मरने वालों की संख्या बढ़कर 67 हो गई, जबकि 5 जुलाई से अबतक विभिन्न
अभियानों में कुल 105 आतंकवादी मारे जाने का दावा किया गया है।
पाकिस्तान
के प्रमुख अखबार डाॅन व अन्य मीडिया ने सरकारी प्रसारक पीटीवी न्यूज़ के
हवाले से बताया कि यह अभियान पाकिस्तान सेना, फ्रंटियर कॉर्प्स (एफसी) और
बलूचिस्तान पुलिस द्वारा संयुक्त रूप से चलाया जा रहा है। ऑपरेशन की शुरुआत
जियारत जिले के मांगी डैम पुलिस पोस्ट पर हुए आतंकी हमले के बाद की गई थी।
हमले में पहले 9 पुलिसकर्मी मारे गए थे, जबकि 18 अन्य का अपहरण कर बाद में
उनकी हत्या कर दी गई। उनके शव ज़रघून गार के पहाड़ी क्षेत्र से बरामद किए
गए थे।
सरकारी मीडिया के मुताबिक, अभियान के दौरान हवाई और ज़मीनी
दोनों स्तरों पर कार्रवाई की जा रही है। पाकिस्तान सरकार प्रतिबंधित संगठन
तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के लिए 'फितना-अल-खवारिज' शब्द का
इस्तेमाल करती है।
वहीं, पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने
सुरक्षा बलों की सराहना करते हुए कहा कि पाकिस्तान सेना, एफसी और पुलिस की
कार्रवाई राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
उन्होंने कहा कि आतंकवादियों के खिलाफ अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक खतरा
पूरी तरह समाप्त नहीं हो जाता।
इस बीच प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ ने
क्वेटा में आयोजित नेशनल एक्शन प्लान की प्रांतीय एपेक्स कमेटी की बैठक
में कहा कि देश का नागरिक और सैन्य नेतृत्व आतंकवाद के खिलाफ एकजुट है।
उन्होंने कहा कि आतंकवाद के पूर्ण उन्मूलन के लिए सभी संस्थाएं मिलकर काम
करेंगी। बैठक में आर्मी चीफ फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और अन्य वरिष्ठ सैन्य
अधिकारी भी मौजूद थे।
इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) के
महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी के अनुसार, 5 जुलाई से
बलूचिस्तान में हुए आतंकी हमलों और उसके बाद चलाए गए अभियानों में अब तक 42
लोगों की जान जा चुकी है। इनमें चार नागरिक, 27 पुलिसकर्मी और 11
सुरक्षाकर्मी शामिल हैं।
पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियों का कहना है
कि ऑपरेशन शबान तब तक जारी रहेगा, जब तक क्षेत्र से सभी आतंकवादियों का
सफाया नहीं हो जाता।













