पीएलएफआई को दोबारा सक्रिय करने की कोशिश में जुटा वांछित उग्रवादी राजेंद्र साहू गिरफ्तार
खूंटी, खूंटी पुलिस ने प्रतिबंधित नक्सली संगठन पीपुल्स
लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएलएफआई) को दोबारा सक्रिय करने की कोशिश में
जुटे वांछित उग्रवादी राजेंद्र साहू उर्फ राजेंद्र साव उर्फ मास्टर को
गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उसके कब्जे से एक देसी पिस्टल और छह जिंदा
कारतूस भी बरामद किए हैं। गिरफ्तार उग्रवादी मुरहू थाना क्षेत्र के
गम्हरिया गांव का रहने वाला है और लंबे समय से पुलिस की गिरफ्त से फरार चल
रहा था।
रविवार को पुलिस कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में पुलिस
अधीक्षक ऋषभ गर्ग ने बताया कि राजेंद्र साहू पीएलएफआई के पुराने नेटवर्क
को दोबारा सक्रिय और मजबूत करने की कोशिश कर रहा था। इसी बीच पुलिस को
गुप्त सूचना मिली कि वह अपने पैतृक गांव गम्हरिया पहुंचा हुआ है। सूचना की
पुष्टि होने के बाद तोरपा के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) विजय कुमार
सिंह के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया।
छापेमारी
दल में तोरपा थाना प्रभारी मनीष कुमार, कर्रा थाना प्रभारी राजू कुमार, सब
इंस्पेक्टर मनीष कुमार तथा सशस्त्र पुलिस बल के जवान शामिल थे। टीम ने
त्वरित कार्रवाई करते हुए गम्हरिया गांव में छापेमारी की और राजेंद्र साहू
को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से एक देसी पिस्टल और छह
जिंदा कारतूस बरामद किए गए, जिन्हें पुलिस ने जब्त कर लिया।
एसपी
ऋषभ गर्ग ने बताया कि प्रारंभिक जांच में हाल के दिनों में जिले में हुई कई
आपराधिक और उग्रवादी घटनाओं में राजेंद्र साहू की संलिप्तता सामने आई है।
उन्होंने बताया कि कर्रा रेलवे साइट और तोरपा स्थित गैस गोदाम में हुई
फायरिंग की घटनाओं में भी उसकी भूमिका पाई गई है। पुलिस इन मामलों में उससे
विस्तृत पूछताछ कर उसके अन्य सहयोगियों के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा
रही है।
पुलिस के अनुसार, राजेंद्र साहू के खिलाफ जिले के विभिन्न
थानों में कुल सात आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें तोरपा, मुरहू और कर्रा
थाना में दो-दो तथा खूंटी थाना में एक मामला शामिल है। सभी मामले उग्रवादी
गतिविधियों, रंगदारी, हथियारों के इस्तेमाल और अन्य गंभीर अपराधों से जुड़े
हैं। लंबे समय से उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस प्रयासरत थी।
गिरफ्तारी
के बाद आरोपित को मीडिया के समक्ष प्रस्तुत किया गया। आवश्यक कानूनी
प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से न्यायिक
हिरासत में भेज दिया गया।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि जिले में
पीएलएफआई के पुनर्गठन या उसके नेटवर्क को दोबारा सक्रिय करने की किसी भी
कोशिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि उग्रवाद, रंगदारी और
संगठित अपराध के खिलाफ पुलिस का अभियान लगातार जारी रहेगा तथा कानून
व्यवस्था को चुनौती देने वाले तत्वों के विरुद्ध सख्त और प्रभावी कार्रवाई
की जाएगी।
उन्होंने आम लोगों से भी अपील की कि उग्रवादी गतिविधियों
या संदिग्ध व्यक्तियों की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते
कार्रवाई कर जिले में शांति और सुरक्षा का माहौल बनाए रखा जा सके।













