रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां रूपी सोरेन के निधन से सोरेन परिवार में शोक का माहौल है। रूपी सोरेन के अंतिम संस्कार की तैयारियां चल रही हैं। इस बीच जानकारी सामने आई है कि उनके छोटे बेटे और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के नेता बसंत सोरेन अपनी मां के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो सकेंगे। बसंत सोरेन इस समय सिंगापुर में इलाज करा रहे हैं।

मां के निधन की खबर के बाद परिवार के लिए यह बेहद भावुक और कठिन समय है। एक ओर हेमंत सोरेन समेत परिवार के सदस्य अंतिम विदाई की तैयारियों में जुटे हैं, वहीं इलाज के कारण बसंत सोरेन अपनी मां के अंतिम दर्शन और अंतिम संस्कार में प्रत्यक्ष रूप से शामिल नहीं हो पाएंगे।

सिंगापुर में चल रहा है इलाज

जानकारी के अनुसार बसंत सोरेन स्वास्थ्य संबंधी कारणों से सिंगापुर में हैं और वहां उनका इलाज चल रहा है। इसी वजह से वह तत्काल झारखंड नहीं पहुंच पाएंगे। मां के निधन की खबर उनके लिए भी बेहद दुखद है।

परिवार के लिए यह स्थिति इसलिए भी भावुक है क्योंकि रूपी सोरेन अपने दोनों बेटों हेमंत सोरेन और बसंत सोरेन के बेहद करीब थीं।

हेमंत सोरेन ने मां को याद कर लिखा भावुक संदेश

रूपी सोरेन के निधन के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया पर अपनी मां को याद करते हुए भावुक संदेश लिखा। उन्होंने कहा कि पिता के निधन के बाद उनकी मां ही उनकी सबसे बड़ी छांव थीं और अब वह छांव भी प्रकृति की गोद में समा गई।

मुख्यमंत्री के इस संदेश के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने उन्हें सांत्वना दी और रूपी सोरेन को श्रद्धांजलि अर्पित की।

मोरहाबादी आवास पर अंतिम दर्शन

रूपी सोरेन के पार्थिव शरीर को रांची के हिल व्यू अस्पताल से मोरहाबादी स्थित आवास लाया गया। यहां परिवार के सदस्यों, राजनीतिक नेताओं और समर्थकों ने उनके अंतिम दर्शन किए।

मोरहाबादी आवास पर सुबह से ही लोगों के पहुंचने का सिलसिला जारी है। लोग नम आंखों से रूपी सोरेन को अंतिम श्रद्धांजलि दे रहे हैं।

नेमरा में होगा अंतिम संस्कार

अंतिम दर्शन के बाद रूपी सोरेन के पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव नेमरा ले जाया जाएगा। वहीं पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

रूपी सोरेन के निधन से झारखंड के राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में भी शोक की लहर है। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं और सामाजिक संगठनों ने सोरेन परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है।

परिवार के लिए बेहद कठिन समय

रूपी सोरेन के निधन के बाद सोरेन परिवार के सामने एक और बड़ा व्यक्तिगत संकट खड़ा हो गया है। उनके पति और झारखंड आंदोलन के प्रमुख नेता शिबू सोरेन के निधन के बाद अब परिवार ने रूपी सोरेन को भी खो दिया है।

बसंत सोरेन का मां के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो पाना परिवार के लिए इस दुख की घड़ी को और भावुक बना रहा है। हालांकि, सिंगापुर में इलाज के कारण उनकी अनुपस्थिति मजबूरी है।

रूपी सोरेन को अंतिम विदाई देने के लिए नेमरा में बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की उम्मीद है।