रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां रूपी सोरेन के निधन से सोरेन परिवार और उनके समर्थकों में शोक की लहर है। मां के निधन के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया पर एक बेहद भावुक संदेश साझा कर अपनी मां को याद किया। उनके संदेश में मां के प्रति गहरा लगाव और उन्हें खोने का दर्द साफ दिखाई दिया।

हेमंत सोरेन ने अपनी मां को याद करते हुए लिखा, “बाबा के जाने के बाद माँ ही मेरी सबसे बड़ी छाँव थीं। आज वह छाँव भी प्रकृति की गोद में समा गयीं। माँ...”

मुख्यमंत्री के इस भावुक संदेश के सामने आने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने सोशल मीडिया पर शोक व्यक्त किया और उन्हें तथा उनके परिवार को इस दुख की घड़ी में संवेदना दी।

मां के निधन से भावुक हुए मुख्यमंत्री

रूपी सोरेन लंबे समय से अस्वस्थ चल रही थीं। स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के चलते उनका रांची के अस्पताल में इलाज चल रहा था। इलाज के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद उनका निधन हो गया। मां के निधन की खबर से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन गहरे सदमे में हैं।

हेमंत सोरेन के लिए उनकी मां परिवार में बेहद महत्वपूर्ण स्थान रखती थीं। पिता और झारखंड आंदोलन के प्रमुख नेता शिबू सोरेन के निधन के बाद रूपी सोरेन परिवार के लिए भावनात्मक सहारा बनी हुई थीं।

शिबू सोरेन के निधन के बाद परिवार को संभाला

रूपी सोरेन झारखंड मुक्ति मोर्चा के संस्थापक और झारखंड आंदोलन के प्रमुख नेता शिबू सोरेन की पत्नी थीं। शिबू सोरेन के निधन के बाद परिवार के लिए यह एक बड़ा भावनात्मक नुकसान था। अब रूपी सोरेन के निधन से सोरेन परिवार को एक और बड़ा व्यक्तिगत आघात लगा है।

हेमंत सोरेन के संदेश में भी इस दर्द की झलक दिखाई दी। उन्होंने अपनी मां को केवल परिवार की सदस्य के रूप में नहीं, बल्कि अपने जीवन की सबसे बड़ी छांव के रूप में याद किया।

मोरहाबादी आवास पर अंतिम दर्शन

रूपी सोरेन के निधन के बाद उनका पार्थिव शरीर रांची के हिल व्यू अस्पताल से मोरहाबादी स्थित आवास लाया गया। यहां परिवार के सदस्यों, राजनीतिक नेताओं, पार्टी कार्यकर्ताओं और शुभचिंतकों ने उनके अंतिम दर्शन किए।

मोरहाबादी आवास पर माहौल बेहद गमगीन रहा। बड़ी संख्या में लोग पहुंचकर रूपी सोरेन को श्रद्धांजलि दे रहे हैं और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एवं उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त कर रहे हैं।

पैतृक गांव नेमरा में होगी अंतिम विदाई

अंतिम दर्शन के बाद रूपी सोरेन के पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव नेमरा ले जाया जाएगा। वहीं पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। अंतिम यात्रा में परिवार के सदस्यों के अलावा बड़ी संख्या में समर्थकों और शुभचिंतकों के शामिल होने की संभावना है।

रूपी सोरेन के निधन से झारखंड के राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में भी शोक का माहौल है। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है।

मां की याद में भावुक हुए हेमंत

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का संदेश सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में है। “बाबा के जाने के बाद माँ ही मेरी सबसे बड़ी छाँव थीं” जैसे शब्दों के जरिए उन्होंने अपनी मां के साथ अपने रिश्ते और उन्हें खोने के दर्द को व्यक्त किया।

रूपी सोरेन का निधन सोरेन परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है। परिवार, समर्थकों और शुभचिंतकों के बीच उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी जा रही है।