रांची: झारखंड में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान की तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी प्रदेश में 1 नवंबर 2026 से सप्ताहव्यापी अभियान शुरू करने जा रही है। इसके तहत अलग-अलग जिलों में पदयात्रा, जनसंपर्क और संगठनात्मक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कार्यकर्ताओं से अभियान को गांव, पंचायत और बूथ स्तर तक पहुंचाने का आह्वान किया है।

पार्टी की ओर से छह जिलों के लिए वरिष्ठ नेताओं को प्रभारी नियुक्त किया गया है। अब तक सामने आई जानकारी के अनुसार, गिरिडीह में 3 नवंबर, जबकि हजारीबाग और पलामू में 4 नवंबर को पदयात्रा आयोजित करने की तैयारी है। जमशेदपुर में 5 नवंबर की तारीख सामने आई है। रांची और दुमका के कार्यक्रमों की विस्तृत तारीख और रूट की आधिकारिक जानकारी अभी स्पष्ट नहीं है।

1 नवंबर से शुरू होगा सप्ताहव्यापी अभियान

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने 29 अक्टूबर को पलामू में आयोजित संगठनात्मक बैठक के दौरान बताया कि राज्य में 1 नवंबर से एक सप्ताह का ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान चलाया जाएगा। पार्टी का कहना है कि इस अभियान के जरिए लोकतांत्रिक संस्थाओं, चुनावी प्रक्रिया और राजनीतिक मुद्दों को लेकर जनता के बीच संवाद किया जाएगा।

भाजपा नेताओं ने कांग्रेस और विपक्षी दलों पर संवैधानिक संस्थाओं को लेकर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया है। वहीं, पार्टी कार्यकर्ताओं को केंद्र सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को भी घर-घर तक पहुंचाने का निर्देश दिया गया है। ये आरोप और राजनीतिक दावे भाजपा नेताओं के हैं।

छह जिलों के लिए नियुक्त किए गए प्रभारी

अभियान के तहत झारखंड के छह जिलों में संगठनात्मक समन्वय और पदयात्राओं की जिम्मेदारी वरिष्ठ नेताओं को सौंपी गई है।

जिलानियुक्त प्रभारी
जमशेदपुरराज सिन्हा
रांचीमनोज सिंह
हजारीबागबिरंची नारायण
पलामूनीलकंठ सिंह मुंडा
गिरिडीहअमर कुमार बाउरी
दुमकागणेश मिश्र

इन नेताओं को संबंधित जिलों में पदयात्रा की तैयारी, कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय और अभियान को सफल बनाने की जिम्मेदारी दी गई है।

जिलेवार पदयात्रा का कार्यक्रम

अब तक मीडिया रिपोर्टों में सामने आई तारीखों के अनुसार कार्यक्रम की स्थिति इस प्रकार है:

2 नवंबर: रांची से अभियान की शुरुआत

रांची के बुढ़मू क्षेत्र में हुई भाजपा की बैठक में प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने 2 नवंबर को रांची से अभियान की शुरुआत करने की बात कही थी। हालांकि, राज्यस्तरीय अभियान 1 नवंबर से शुरू करने की घोषणा भी सामने आई है। इसलिए रांची के कार्यक्रम को लेकर अंतिम समय और स्थान की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।

3 नवंबर: गिरिडीह में पदयात्रा

गिरिडीह में 3 नवंबर को पदयात्रा आयोजित करने की तैयारी है। भाजपा की तैयारी बैठक के अनुसार, यात्रा झंडा मैदान से शुरू होकर अंटा बंगला तक पहुंचेगी। वहां जनसभा आयोजित करने की भी योजना है। पार्टी नेताओं ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के कार्यकर्ताओं से अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील की है।

4 नवंबर: हजारीबाग और पलामू

हजारीबाग में 4 नवंबर को ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा आयोजित की जाएगी। इसकी जानकारी पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने प्रेस वार्ता में दी थी।

वहीं, पलामू भाजपा ने भी 4 नवंबर को मेदिनीनगर में रैली निकालने की तैयारी की है। इस कार्यक्रम को लेकर जिला कार्यालय में संगठनात्मक बैठक कर रणनीति बनाई गई है।

5 नवंबर: जमशेदपुर में पदयात्रा

जमशेदपुर में 5 नवंबर को भाजपा की पदयात्रा प्रस्तावित है। पार्टी की महानगर इकाई ने इसके लिए तैयारी बैठक की है। इसमें चारों विधानसभा क्षेत्रों के कार्यकर्ताओं और आम लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने की योजना बनाई गई है। पदयात्रा के साथ प्रबुद्धजनों की गोष्ठी, युवा संवाद और छात्र प्रतियोगिताओं जैसे कार्यक्रम भी अभियान का हिस्सा होंगे।

रांची और दुमका: विस्तृत कार्यक्रम का इंतजार

रांची और दुमका के लिए पार्टी ने जिला प्रभारी नियुक्त कर दिए हैं, लेकिन उपलब्ध रिपोर्टों में इन दोनों जिलों की पदयात्रा की अंतिम तारीख, समय और मार्ग का स्पष्ट विवरण सामने नहीं आया है। पार्टी की ओर से विस्तृत कार्यक्रम जारी होने पर इनकी जानकारी भी सामने आएगी।

पदयात्रा के साथ जनसंपर्क और युवा संवाद पर जोर

भाजपा इस अभियान को केवल पदयात्रा तक सीमित नहीं रखना चाहती। पार्टी की योजना के अनुसार, विभिन्न जिलों में प्रबुद्ध नागरिकों के साथ बैठक, शिक्षण संस्थानों में युवा संवाद, छात्र प्रतियोगिताएं और जनसंपर्क कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।

कार्यकर्ताओं को गांवों, पंचायतों और बूथ स्तर पर सक्रिय रहने का निर्देश दिया गया है। पार्टी का लक्ष्य अपने राजनीतिक मुद्दों और केंद्र सरकार की योजनाओं को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना है।

भाजपा ने झारखंड सरकार पर लगाए आरोप

अभियान की तैयारियों के दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू और अन्य नेताओं ने झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार पर भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और गरीबों के शोषण जैसे आरोप लगाए हैं। भाजपा नेताओं का कहना है कि पदयात्रा के माध्यम से राज्य सरकार की नीतियों और कामकाज को जनता के बीच उठाया जाएगा।

दूसरी ओर, इन आरोपों को भाजपा का राजनीतिक पक्ष माना जाना चाहिए। अभियान के दौरान उठाए जाने वाले मुद्दों पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रियाएं भी महत्वपूर्ण होंगी।

नवंबर के पहले सप्ताह में झारखंड की राजनीति रहेगी सक्रिय

नवंबर के पहले सप्ताह में भाजपा के इस अभियान के कारण राज्य के कई जिलों में राजनीतिक गतिविधियां तेज रहने की संभावना है। गिरिडीह, पलामू, हजारीबाग और जमशेदपुर में पदयात्राओं की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। रांची और दुमका के कार्यक्रमों का पूरा विवरण सामने आने के बाद अभियान की राज्यव्यापी रूपरेखा और स्पष्ट होगी।

नोट: यह कार्यक्रम 31 अक्टूबर 2026 तक उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों पर आधारित है। जहां तारीख और मार्ग की आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है, वहां उसे स्पष्ट रूप से लंबित बताया गया है।

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