रांची: झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET) 2026 को निष्पक्ष और कदाचारमुक्त बनाने के लिए राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। परीक्षा से पहले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि परीक्षा में किसी भी तरह की गड़बड़ी, नकल या अनुचित साधनों के इस्तेमाल को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।

एक नवंबर 2026 को आयोजित होने वाली इस परीक्षा में करीब 5.65 लाख अभ्यर्थियों के शामिल होने की संभावना है। राज्यभर में 986 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इतनी बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों को देखते हुए जैक, जिला प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं।


                                                

नकल करने पर तीन साल तक की जेल और पांच लाख रुपये जुर्माना

जेटेट परीक्षा के लिए जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, नकल करते या किसी दूसरे अभ्यर्थी को नकल कराने में मदद करते पकड़े जाने पर दोषी परीक्षार्थी को तीन साल तक की जेल और पांच लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।

जुर्माना जमा नहीं करने की स्थिति में अतिरिक्त कारावास का प्रावधान भी बताया गया है। परीक्षा में अनुचित साधनों के इस्तेमाल को रोकने के लिए झारखंड में लागू कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।

परीक्षा माफिया और गड़बड़ी में शामिल लोगों पर भी सख्ती

कार्रवाई केवल परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों तक सीमित नहीं रहेगी। परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े किसी व्यक्ति, संस्था या एजेंसी की भूमिका संदिग्ध मिलने पर भी जांच और कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

जैक के दिशा-निर्देशों के मुताबिक, प्रश्नपत्र छपाई, परिवहन और परीक्षा संचालन से जुड़े लोगों द्वारा साजिश या अनुचित गतिविधियों में शामिल पाए जाने पर गंभीर दंड का प्रावधान है। ऐसे मामलों में दो करोड़ से दस करोड़ रुपये तक जुर्माना और कम से कम दस वर्ष की कैद से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है।

986 केंद्रों पर होगी परीक्षा, 5.65 लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल

झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा इस बार बड़े स्तर पर आयोजित की जा रही है। राज्यभर में कुल 986 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। करीब 5,65,048 अभ्यर्थियों के परीक्षा में शामिल होने की जानकारी सामने आई है।

परीक्षा दो पालियों में आयोजित होगी:

  • पहली पाली: सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक।

  • दूसरी पाली: दोपहर 2 बजे से शाम 4:30 बजे तक।

प्रशासन का लक्ष्य है कि सभी केंद्रों पर परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो और किसी भी अभ्यर्थी को अनुचित लाभ न मिले।

परीक्षा केंद्रों पर होगी कड़ी जांच

परीक्षा में नकल और अन्य अनियमितताओं को रोकने के लिए अभ्यर्थियों की प्रवेश से पहले जांच की जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था के तहत मोबाइल फोन, कैलकुलेटर, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, नोट्स और अन्य प्रतिबंधित सामग्री परीक्षा केंद्र के अंदर ले जाने की अनुमति नहीं होगी।

महिला अभ्यर्थियों की जांच के लिए महिला सुरक्षाकर्मियों की व्यवस्था की जाएगी। इसके साथ ही परीक्षा केंद्रों के अंदर और बाहर पुलिस बल की तैनाती तथा निगरानी की व्यवस्था भी की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने पहले भी परीक्षा सुधारों पर दिया था जोर

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 15 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपने संबोधन में कहा था कि झारखंड के युवाओं की मेहनत को पेपर लीक माफिया, भ्रष्ट व्यवस्था या किसी तरह की अनियमितता के भरोसे नहीं छोड़ा जाएगा।

उन्होंने स्पष्ट किया था कि परीक्षा में गड़बड़ी की शिकायतों की निष्पक्ष जांच होगी और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए वार्षिक परीक्षा कैलेंडर, तकनीक-सुरक्षित परीक्षा प्रणाली और उत्तर कुंजी तथा ओएमआर शीट समय पर उपलब्ध कराने जैसे सुधारों की भी बात कही थी।

अभ्यर्थियों से नियमों का पालन करने की अपील

परीक्षा से पहले अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे अपने प्रवेश पत्र में दिए गए निर्देशों को ध्यान से पढ़ें और परीक्षा केंद्र पर समय से पहुंचें। प्रतिबंधित सामान लेकर परीक्षा केंद्र पहुंचने से बचें तथा किसी भी तरह के अनुचित साधन का इस्तेमाल न करें।

जेटेट में शामिल होने वाले लाखों युवाओं के लिए यह परीक्षा महत्वपूर्ण है। ऐसे में परीक्षा की पारदर्शिता बनाए रखना प्रशासन के साथ-साथ प्रत्येक अभ्यर्थी की जिम्मेदारी भी है।

सरकार और जैक का स्पष्ट संदेश है कि जेटेट परीक्षा में नकल, धोखाधड़ी या पेपर से जुड़ी गड़बड़ी करने वालों को कानून के तहत जवाबदेह बनाया जाएगा।

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