गिरिडीह: झारखंड के दिवंगत मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार गिरिडीह पहुंचे। मंत्री के आकस्मिक निधन के बाद पूरे राज्य में शोक का माहौल है। सरकार ने उनका अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ कराने का फैसला लिया है।

अंतिम दर्शन के लिए उमड़ी भीड़

सुदिव्य कुमार सोनू के पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए उनके गिरिडीह स्थित आवास पर रखा गया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन समेत कई नेताओं, मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। बड़ी संख्या में समर्थक और स्थानीय लोग भी अपने प्रिय नेता के अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सुदिव्य कुमार सोनू के निधन को व्यक्तिगत क्षति बताते हुए उन्हें अपना करीबी सहयोगी और भाई जैसा बताया था।

राजकीय सम्मान के साथ होगा अंतिम संस्कार

सुदिव्य कुमार सोनू का अंतिम संस्कार गिरिडीह के उसरी नदी तट स्थित हरसिंहरायडीह श्मशान घाट पर राजकीय सम्मान के साथ किया गया। अंतिम संस्कार के लिए प्रशासन और पुलिस की ओर से सुरक्षा तथा अन्य जरूरी व्यवस्थाएं की गई थीं।

सरकार ने उनके निधन पर 6 और 7 सितंबर को दो दिवसीय राजकीय शोक घोषित किया है। इस दौरान सरकारी भवनों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा। साथ ही 7 सितंबर को राज्य सरकार के कार्यालय बंद रखने का निर्णय लिया गया है।

अचानक निधन से राजनीतिक जगत में शोक

सुदिव्य कुमार सोनू का 6 सितंबर की सुबह गिरिडीह में निधन हुआ। वह गिरिडीह सदर विधानसभा क्षेत्र से विधायक और झारखंड सरकार में मंत्री थे। उनके पास नगर विकास एवं आवास, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी थी।

उनके निधन पर राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन समेत विभिन्न दलों के नेताओं ने गहरा दुख जताया है। सुदिव्य कुमार सोनू के निधन को झारखंड की राजनीति के लिए बड़ी क्षति माना जा रहा है।