पटना (PATNA): सुपौल जिले में बुधवार शाम करीब 6 बजे आए तेज आंधी-तूफान, धूलभरी हवाओं और ओलावृष्टि ने राघोपुर प्रखंड क्षेत्र में भारी तबाही मचा दी. गुरुवार सुबह जब लोग घरों से बाहर निकले तो चारों ओर नुकसान का भयावह दृश्य देखने को मिला. तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर पेड़ उखड़ गए, बिजली के तार टूट गए और जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया.

बिजली व्यवस्था चरमराई


बिजली व्यवस्था चरमराई, मरम्मत कार्य जारीआंधी के कारण जगह-जगह पेड़ गिरने से बिजली के तार क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे कई इलाकों में रातभर अंधेरा पसरा रहा. बिजली विभाग की टीमें रात से ही मरम्मत कार्य में जुटी हैं और आपूर्ति बहाल करने का प्रयास जारी है. इस प्राकृतिक आपदा का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ा है. खेतों में खड़ी फसलें पूरी तरह नष्ट हो गई हैं. विशेषकर मक्का की खेती को भारी नुकसान पहुंचा है. राम विशनपुर पंचायत के दही पौड़ी वार्ड संख्या 2 के किसानों— फूलन यादव,राजकुमार यादव, शनिचर यादव, महिन्द्र यादव, मेहश्वरी यादव, बाबू नंद यादव और अनंदी यादव—ने बताया कि करीब 80 बीघा में लगी मक्का फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई.

दो से तीन महीने की मेहनत मिट्टी में मिल गई: किसान 

किसानों के अनुसार, दो से तीन महीने की मेहनत और लाखों रुपये की लागत इस आंधी में मिट्टी में मिल गई. मोतीपुर, नरहा, बेरदह, हुलास, हरिपुर, करजाइन, वायसी और देवीपुर सहित कई गांवों में हजारों हेक्टेयर में फसल को भारी नुकसान पहुंचा है.

ग्रामीण सड़कें और बाइपास मार्ग हुई बाधित 

पेड़ गिरने से सड़कें बाधित, जलजमाव से बढ़ी परेशानीतेज आंधी के कारण सैकड़ों पेड़ टूटकर गिर गए, जिससे कई ग्रामीण सड़कें और बाइपास मार्ग बाधित हो गए. वहीं एनएच-27 सिमराही मेन बाजार में निर्माणाधीन सर्विस रोड के कारण जलजमाव की समस्या और गंभीर हो गई है. दुकानों के सामने पानी भर जाने से व्यापार प्रभावित हो रहा है और लोगों को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. सिमराही नगर पंचायत वार्ड 14 के पिपराही मार्ग में अरविंद चौधरी उर्फ मुन्ना के टाइल्स-मार्बल स्टोर रूम पर पेड़ गिरने से लाखों रुपये के टाइल्स की क्षति हुई है. वहीं प्रखंड क्षेत्र में सैकड़ों घरों के छप्पर उड़ गए और कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए.

प्रशासन सक्रिय, मुआवजे का आश्वासन

प्रखंड विकास पदाधिकारी सत्येन्द्र कुमार यादव और आरओ सह प्रभारी सीओ आकांक्षा मिश्रा ने बताया कि नुकसान का आकलन किया जा रहा है. आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा प्रभावित लोगों को नियमानुसार सहायता दी जाएगी. वहीं प्रखंड कृषि पदाधिकारी मयंक झा ने बताया कि फसल क्षति का आकलन कर रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेजी जाएगी. कुल मिलाकर इस आंधी-ओलावृष्टि ने राघोपुर प्रखंड में जनजीवन, कृषि और व्यापार को गहरा झटका दिया है. लोग अब धीरे-धीरे हालात को सामान्य करने में जुटे हैं, जबकि प्रशासन राहत और पुनर्वास कार्य में लगा हुआ है.