भारत-नेपाल सीमा पर 303.900 किलो गांजा जब्त, तस्कर अंधेरे का लाभ उठाकर फरार
सुपौल,
भारत-नेपाल सीमा पर मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ
चलाए जा रहे अभियान में 45वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी), बीरपुर को
बड़ी सफलता मिली है। सीमा चौकी सतना के जवानों ने कार्रवाई करते हुए
303.900 किलोग्राम गांजा जब्त किया। हालांकि, मौके से गांजा लेकर आ रहे
तस्कर अंधेरे का लाभ उठाकर फरार हो गए।
एसएसबी के अनुसार, 21 अगस्त
2026 की रात सीमा स्तंभ संख्या 204/1 के समीप नाका पार्टी द्वारा गुप्त
निगरानी की जा रही थी। इसी दौरान करीब 9:30 बजे जवानों ने कुछ लोगों को
अंतरराष्ट्रीय सीमा की ओर से ग्राम खोंटाहा की तरफ जूट के खेतों के रास्ते
सिर पर बोरियां लेकर आते देखा। नाका पार्टी ने उन्हें पकड़ने का प्रयास
किया, लेकिन जवानों को देखते ही सभी व्यक्ति बोरियां धान के खेत में फेंककर
जूट के खेतों के रास्ते नेपाल की ओर भाग निकले।
इसके बाद नाका
पार्टी ने क्यूआरटी (क्विक रिएक्शन टीम) और ड्रोन की सहायता से आसपास के
इलाके में सघन तलाशी अभियान चलाया। तलाशी के दौरान धान के खेत से 10 बैग
बरामद किए गए। बैगों की जांच करने पर उनमें प्लास्टिक रैपर में हल्के भूरे
रंग का पदार्थ मिला, जिसमें गांजा जैसी विशिष्ट गंध थी।
सहायक
कमांडेंट मयूर रंगारी की उपस्थिति में बरामद पदार्थ की विधिवत जांच की गई।
प्रत्येक बैग से नमूना लेकर एनडीडी किट से परीक्षण किया गया, जिसमें गांजा
होने की पुष्टि हुई। बरामद गांजे का कुल सकल वजन 303.900 किलोग्राम पाया
गया।
एसएसबी जवानों ने गांजे को विधिवत जब्त करते हुए आवश्यक जब्ती
सूची एवं संबंधित दस्तावेज तैयार किए। इसके बाद जब्त 303.900 किलोग्राम
गांजा को अग्रिम कानूनी कार्रवाई के लिए 22 अगस्त 2026 को थाना बीरपुर,
जिला सुपौल को सुपुर्द कर दिया गया।
कार्रवाई में सहायक उप निरीक्षक
जगदीश कुमार सहित एसएसबी के अन्य जवान शामिल रहे। 45वीं वाहिनी एसएसबी के
कमांडेंट गौरव सिंह ने बताया कि भारत-नेपाल सीमा पर अवैध गतिविधियों और
मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार जारी है। सीमा क्षेत्र में
तस्करी एवं अन्य अवैध गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए निगरानी
और कार्रवाई को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा।














