डाक विभाग की पहल: बच्चों की बनाई राखियां सरहद के जवानों और प्रधानमंत्री तक पहुंचेंगी
पूर्वी
सिंहभूम, रक्षाबंधन के अवसर पर भारतीय डाक विभाग के
सिंहभूम डाक प्रमंडल ने बच्चों को देश के जवानों और राष्ट्रीय नेतृत्व से
जोड़ने के उद्देश्य से विशेष पहल शुरू की है। ‘राखी बनाओ और भेजो’ अभियान
के तहत शहर के विभिन्न स्कूलों में राखी मेकिंग प्रतियोगिता आयोजित की गई,
जिसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।
टेल्को
और कदमा क्षेत्र के वैली व्यू स्कूल, गुलमोहर हाई स्कूल, डीबीएमएस करियर
एकेडमी और डीबीएमएस कदमा हाई स्कूल में आयोजित कार्यक्रमों में
विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। बच्चों ने
इको-फ्रेंडली और ‘बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट’ सामग्री से आकर्षक राखियां तैयार
कीं। इन राखियों को देश की सीमाओं पर तैनात जवानों, पुलिसकर्मियों और
प्रधानमंत्री को भेजा गया।
डाक विभाग की ओर से स्कूल परिसर में ही
विशेष लिफाफे और स्पीड पोस्ट की सुविधा उपलब्ध कराई गई, जिससे
विद्यार्थियों को अपनी बनाई राखियां और संदेश सीधे भेजने का अवसर मिला। इस
दौरान बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला।
वैली व्यू स्कूल,
टेल्को में कार्यक्रम का उद्घाटन डाक विभाग के अधिकारी उज्जवल दास गुप्ता
और निशांत कुमार के साथ स्कूल की प्राचार्या मिसेज मिक्की सिंह एवं
उप-प्राचार्य जे. रमेश ने दीप प्रज्वलित कर किया। विद्यार्थियों ने
पारंपरिक और पर्यावरण अनुकूल सामग्री से राखियां तैयार कीं। शनिवार को
कार्यक्रम के समापन पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए डाक विभाग के
अधिकारियों को पौधे भी भेंट किए गए।
गुलमोहर हाई स्कूल में 100 से
अधिक विद्यार्थियों ने राखी बनाने की प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। बच्चों
ने अपने भाइयों के अलावा देश के प्रधानमंत्री और सीमा पर तैनात सैनिकों के
लिए भी राखियां तैयार कीं। स्कूल में ही स्पीड पोस्ट की सुविधा मिलने से
विद्यार्थियों ने अपने संदेशों के साथ राखियां रवाना कीं।
डीबीएमएस
करियर एकेडमी, कदमा में परीक्षा की व्यस्तता के बावजूद करीब 50
विद्यार्थियों ने अभियान में भाग लिया। स्कूल की प्राचार्या सोमा बनर्जी ने
डाक विभाग की पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे डिजिटल दौर के बच्चों को
पत्र लेखन और पारंपरिक डाक व्यवस्था से जुड़ने का अवसर मिल रहा है।
वहीं,
डीबीएमएस कदमा हाई स्कूल में भी लगभग 50 छात्र-छात्राओं ने राखियां बनाईं।
प्राचार्या गुरप्रीत भामरा और आर्ट टीचर निशा राज ने कहा कि इस तरह के
कार्यक्रम बच्चों में पारिवारिक मूल्यों के साथ-साथ देश के जवानों के प्रति
सम्मान और कृतज्ञता की भावना विकसित करने में सहायक हैं।













