लापरवाही की भेंट चढ़ी 1 करोड़ का सड़क और नाला, पहली बारिश में ही खुले दावों की पोल; घरों में घुसा पानी
भागलपुर, बिहार
शहरी आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड (बुडको) द्वारा मुख्यमंत्री समग्र
शहरी विकास योजना के तहत बनाई गई नई सड़क और नाला पहली ही बारिश में पूरी
तरह फेल साबित हो गए।
शनिवार को हुई तेज बारिश ने भीखनपुर
दो नंबर गुमटी से बारह नंबर गुमटी तक हुए इस नवनिर्मित निर्माण की जमीनी
हकीकत उजागर कर दी है। स्थानीय स्थिति सुधरने के बजाय पहले से भी ज्यादा
बदतर हो गई है। शनिवार को हुई बारिश के बाद भीखनपुर की बुनियादी स्कूल गली,
शिवाला गली और बारह नंबर गुमटी पर भारी जलभराव हो गया।
पानी का
बहाव न होने के कारण सड़क किनारे स्थित कई घरों में बारिश का गंदा पानी घुस
गया। इससे स्थानीय निवासियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा और लोगों में
प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस पूरे
निर्माण कार्य में तकनीकी मानकों की घोर अनदेखी की गई है। सड़क और नाले का
निर्माण बिना किसी सही लेवल (समतल जांच) के कर दिया गया। हद तो यह है कि
नाले के ऊपर जो भारी-भरकम कल्वर्ट बनाए गए हैं, उनमें बारिश के पानी की
निकासी के लिए कोई सुराख (होल) ही नहीं छोड़ा गया है।
ऐसे
में सड़क पर जमा पानी नाले तक पहुँच ही नहीं पा रहा है। विभागीय लापरवाही
का आलम यह है कि निर्माण के दौरान नाले के भीतर जमा पुराना कचरा और सिल्ट
साफ ही नहीं किया गया। अब नाले के ऊपर बेहद वजनी और बड़े-बड़े कल्वर्ट रख
दिए गए हैं, जिन्हें हटाकर भविष्य में नाले की सफाई करना भी मुमकिन नहीं
दिख रहा है।
स्थानीय जनता अब यह सवाल उठा रही है कि आखिर
इंजीनियरों ने किस मंशा और तकनीक से यह नक्शा पास किया था। उल्लेखनीय है कि
यह पूरा निर्माण कार्य मुख्यमंत्री समग्र शहरी विकास योजनान्तर्गत किया
गया है, जिसकी कुल स्वीकृत लागत राशि 1,03,18,319 (एक करोड़ तीन लाख अठारह
हजार तीन सौ उन्नीस रुपये) है। एख करोड़ से अधिक की लागत से बनी इस सड़क और
नाले का मूल उद्देश्य जलजमाव से मुक्ति दिलाना था, लेकिन विभागीय लापरवाही
और ठेकेदार की मनमानी के कारण यह राशि पानी में बहती नजर आ रही है।
स्थानीय लोगों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच और ड्रेनेज सिस्टम को तुरंत ठीक
करने की मांग की है।














