सरकार ने फिर किया ई20 पेट्रोल के सुरक्षित होने का दावा, इंजन में बड़े पैमाने पर खराबी का नहीं मिला सबूत
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दिल्ली, केंद्र सरकार ने फिर कहा कि ई20 पेट्रोल
सुरक्षित है, इससे इंजन में बड़े पैमाने पर खराबी का कोई सबूत नहीं मिला
है। वैज्ञानिक प्रमाणों के आधार पर ई20 पेट्रोल की सुरक्षा और परफॉर्मेंस
की पुष्टि की गई है। सरकार ने कहा कि ई20 पेट्रोल, जो 20 फीसदी इथेनॉल और
80 फीसदी पेट्रोल का मिश्रण है, पूरी तरह सुरक्षित और प्रभावी है।
लोकसभा
में केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने
गुरुवार को लिखित जवाब में यह जानकारी दी। गोपी ने अपने जवाब में कहा कि
वैज्ञानिक अध्ययनों और फील्ड डेटा से गाड़ियों की परफॉर्मेंस पर ई20
पेट्रोल का कोई व्यापक असर नहीं पाया गया है। उन्होंने कहा कि मीडिया और
सोशल मीडिया पर जताई गई चिंताओं की जांच की गई थी।
सुरेश गोपी ने
कहा कि सरकार का आकलन न केवल प्रयोगशाला अनुसंधान पर आधारित है बल्कि
राष्ट्रव्यापी कार्यान्वयन के बाद व्यापक अनुभव पर भी आधारित है। देश में
प्रतिदिन लगभग 8 करोड़ वाहन खुदरा पेट्रोल पंप पर आते हैं, जिनमें लगभग 80
फीसदी पेट्रोल वाहन होते हैं।
उन्होंने कहा कि ई20 की ओर बदलाव से
राष्ट्रीय स्तर पर भी महत्वपूर्ण लाभ प्राप्त हुए हैं। ईथेनॉल मिश्रित
पेट्रोल से 1.97 लाख करोड़ रुपये से अधिक की विदेशी मुद्रा की बचत हुई है।
सुरेश गोपी ने कहा कि लगभग 316 लाख मीट्रिक टन कच्चे तेल का भी प्रतिस्थापन
हुआ है, जबकि लगभग 952 लाख मीट्रिक टन कार्बन उत्सर्जन में कमी आई है और
किसानों को 1.66 लाख करोड़ रुपये से अधिक का लाभ हस्तांतरित हुआ है।
पेट्रोलियम
और प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने कहा कि सरकार पेट्रोल और
डीजल की कीमतें कम करने के मामले में कोई पक्का वादा नहीं कर रही है।
उन्होंने पश्चिम एशिया में जारी संकट के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में
कच्चे तेल की कीमत में भारी उतार-चढ़ाव का हवाला दिया और बताया कि सरकारी
तेल मार्केटिंग कंपनियों (ओएमसी) को भारी नुकसान हुआ है।















