महिला सुरक्षा पर सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति, पुलिस को फ्री हैंड : मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी
कोलकाता, पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने
बुधवार को विधानसभा में गृह एवं पर्वतीय मामलों के विभाग के बजट पर चर्चा
का जवाब देते हुए महिला सुरक्षा को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया।
उन्होंने कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों में सरकार की 'जीरो
टॉलरेंस' नीति है और ऐसे मामलों में पुलिस को तत्काल कार्रवाई के लिए पूरी
स्वतंत्रता दी गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि राज्य में
दुष्कर्म, सामूहिक दुष्कर्म, नाबालिगों के साथ यौन अपराध या महिलाओं के
खिलाफ किसी भी प्रकार का जघन्य अपराध होता है, तो पुलिस को किसी विशेष
निर्देश का इंतजार करने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने अधिकारियों से कानून
के दायरे में रहते हुए अपराधियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई करने को कहा और
भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार हर स्तर पर पुलिस के साथ खड़ी रहेगी।
शुभेंदु
अधिकारी ने पूर्ववर्ती तृणमूल सरकार पर महिला सुरक्षा की अनदेखी का आरोप
लगाते हुए कहा कि उनकी सरकार ने सत्ता संभालने के बाद महिलाओं की सुरक्षा
को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है और अपराधियों के खिलाफ त्वरित तथा कड़ी
कार्रवाई की नीति अपनाई है।
मुख्यमंत्री ने बारुईपुर में नाबालिग से
दुष्कर्म और हत्या के मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि इस प्रकरण में
पुलिस ने जिस तेजी से कार्रवाई की, वह नई सरकार की कार्यशैली का उदाहरण है।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि पूर्व के कई मामलों में अदालतों द्वारा
मृत्युदंड सुनाए जाने के बावजूद दोषियों को समय पर सजा क्यों नहीं मिल सकी।
आर.जी.
कर मेडिकल कॉलेज प्रकरण का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य
सरकार ने मामले की फाइल दोबारा खोलकर जांच शुरू कराई है। उन्होंने बताया कि
तीन वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को निलंबित किया गया है और जिन अधिकारियों
पर मामले की फाइल दबाने के आरोप थे, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की गई है।
उन्होंने यह भी कहा कि घटना के बाद तत्कालीन राज्य सरकार ने पीड़िता के
परिजनों को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की पेशकश की थी।
मुख्यमंत्री
ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए राज्य सरकार पहले
ही 'दुर्गा रक्षा स्क्वॉड', महिला थानों और विशेष हेल्पलाइन की शुरुआत कर
चुकी है। उन्होंने दोहराया कि महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों में
दोषियों के प्रति किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी और कानून के
अनुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।














