प्रधानमंत्री के सात सूत्र देश की अर्थव्यवस्था के लिए जरूरी: खंडेलवाल
नई
दिल्ली, कारोबारी संगठन कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स
(कैट) के राष्ट्रीय महामंत्री एवं सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने वैश्विक ऊर्जा
संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की देशवासियों से सात सूत्री अपील
का स्वागत किया है।
खंडेलवाल ने सोमवार को एक बयान में कहा कि
वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में भारत की अर्थव्यवस्था सुदृढ़ रहे और आम
लोगों को कोई परेशानी न हो, उसको देखते हुए प्रधानमंत्री ने देश को एक सात
सूत्री संकल्प लेने का आह्वान किया है जिस पर अमल करने से देश की स्थिति
मजबूत होगी। प्रधानमंत्री ने यह आह्वान कल हैदराबाद में आयोजित एक जनसभा को
संबोधित करते हुए किया था।
सामानों की आवाजाही के लिए रेलवे परिवहन
को प्राथमिकता देने के प्रधानमंत्री के आह्वान के अनुरूप खंडेलवाल ने आज
रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र भेजकर कहा कि प्रधानमंत्री का यह सुझाव
बढ़ती ईंधन खपत, यातायात दबाव, पर्यावरणीय चुनौतियों तथा देश की
लॉजिस्टिक्स व्यवस्था को मजबूत करने की आवश्यकता के मद्देनज़र अत्यंत
प्रासंगिक और समयानुकूल है।
उन्होंने मोदी सरकार में भारतीय रेल
में हुए व्यापक परिवर्तन और आधुनिकीकरण की सराहना करते हुए कहा कि रेलवे
में आधारभूत संरचना, विद्युतीकरण, फ्रेट कॉरिडोर, तकनीकी एकीकरण, स्टेशन
पुनर्विकास, स्वच्छता, सुरक्षा मानकों, समयबद्धता और संचालन क्षमता में
उल्लेखनीय सुधार हुए हैं, जिससे भारतीय रेल के प्रति जनता का विश्वास बढ़ा
है और रेलवे देश की आर्थिक प्रगति का एक मजबूत आधार बना है।
उन्होंने
कहा कि रेल परिवहन माल ढुलाई का सबसे किफायती, पर्यावरण अनुकूल और प्रभावी
माध्यम है। यदि बड़े स्तर पर सड़क से माल परिवहन रेलवे की ओर स्थानांतरित
होता है तो इससे पेट्रोल और डीजल की खपत में भारी कमी आएगी, लॉजिस्टिक्स
लागत घटेगी, प्रदूषण कम होगा, राजमार्गों पर दबाव कम पड़ेगा तथा एक हरित और
मजबूत भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा। हालांकि, खंडेलवाल
ने यह भी कहा कि रेलवे में सुधारों के बावजूद देशभर के व्यापारियों और
एमएसएमई इकाइयों को रेलवे फ्रेट और पार्सल सेवाओं के उपयोग में अनेक
व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इसके कारण व्यापारी रेल
परिवहन को अपनाने से हिचकते हैं और उन्हें अपेक्षाकृत महंगे सड़क परिवहन पर
निर्भर रहना पड़ता है।
खंडेलवाल ने पत्र में रेल मंत्री से रेलवे
फ्रेट प्रणाली में व्यापक सुधार करने की मांग करते हुए कहा कि फ्रेट बुकिंग
प्रक्रिया को पारदर्शी और डिजिटल बनाया जाए, डिलीवरी व्यवस्था में
जवाबदेही तय की जाए, व्यापारियों के लिए फ्रेट सुविधा केंद्र स्थापित किए
जाएं, कंसाइनमेंट की रियल टाइम ट्रैकिंग की व्यवस्था हो, फ्रेट दरों को
तर्कसंगत बनाया जाए, पार्सल वैन क्षमता बढ़ाई जाए, आधुनिक लोडिंग-अनलोडिंग
इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाए, लास्ट माइल कनेक्टिविटी को मजबूत किया
जाए, प्रभावी शिकायत निवारण तंत्र बनाया जाए तथा रेलवे अधिकारियों और
व्यापारी संगठनों के बीच नियमित संवाद स्थापित किया जाए।
उन्होंने
कहा कि यदि रेलवे फ्रेट सेवाओं को अधिक कुशल, जवाबदेह और व्यापार अनुकूल
बनाया जाता है तो देशभर के लाखों व्यापारी और एमएसएमई स्वाभाविक रूप से माल
परिवहन के लिए रेलवे को प्राथमिकता देंगे। इससे भारतीय रेलवे और सरकार की
आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी तथा आयातित ईंधन पर निर्भरता कम करने और सतत
आर्थिक विकास को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।
खंडेलवाल ने कहा कि
कैट के माध्यम से देश का व्यापारी समुदाय रेलवे के साथ पूर्ण सहयोग करने के
लिए तैयार है ताकि बड़े स्तर पर रेल आधारित माल परिवहन को प्रोत्साहित
किया जा सके। उन्होंने इस विषय पर विस्तृत चर्चा के लिए रेल मंत्री वैष्णव
से समय देने का भी अनुरोध किया है ताकि व्यापारियों के लिए रेलवे फ्रेट
सेवाओं को अधिक सुलभ, प्रभावी और उपयोगी बनाने को लेकर व्यावहारिक उपायों
एवं नीतिगत सुधारों पर चर्चा की जा सके।












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