डायरिया से डरने नहीं बल्कि सतर्क रहने की जरूरत : मुख्य चिकित्सा अधिकारी
मुरादाबाद, विश्व ओआरएस (ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन) दिवस पर बुधवार
को स्वास्थ्य विभाग के तत्वावधान में पापुलेशन सर्विसेज इंटरनेशनल इंडिया
(पीएसआई इंडिया) और केनव्यू के सहयोग से डायरिया को लेकर जागरूकता
कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते मुख्य चिकित्सा
अधिकारी डॉ. कुलदीप सिंह ने कहा कि डायरिया से डरने नहीं बल्कि सतर्क रहने
की जरूरत है, क्योंकि इसका उपचार पूरी तरह संभव है। बच्चे को दिन में
दो-तीन बार पतली दस्त हो तो ओआरएस का घोल और जिंक जरूर दें, क्योंकि यही
इसका सही उपचार है।
इस मौके पर जिला चिकित्सालय के चिकित्सा
अधीक्षक डॉ. राजेंद्र कुमार ने विशेष प्रस्तुतीकरण के माध्यम से डायरिया की
शीघ्र पहचान और इसमें लाभकारी ओआरएस एवं जिंक के प्रयोग के बारे में
जानकारी दी।
जिला महिला चिकित्सालय से डॉ. अंशु माली ने डायरिया के
प्रोटोकॉल प्लान ए, प्लान बी एवं प्लान सी के बारे में जानकारी दी। इंडियन
एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स के डॉ. सुनील खट्टर ने निजी अस्पतालों में
स्थापित ओआरएस कॉर्नर के बारे में जानकारी दी। उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी
डॉ. आर. के. शर्मा ने ओआरएस एवं जिंक के सही प्रयोग के बारे मे जानकारी दी।
इसके साथ ही प्रभारी चिकित्सा अधिकारी से कहा कि ओआरएस देते समय उसको कैसे
तैयार करना है, इस बारे में जरूर बताएं।
बैठक में उप मुख्य
चिकित्सा अधिकारी डॉ. विकास सिंह, जिला महिला चिकित्सालय से डॉ. कर्मवीर
सिंह, मुस्कान नर्सिंग होम से डॉ. रवि गंगल, जूनियर रेजिडेंट वन पीडिया,
जिला कार्यक्रम प्रबंधक रघुबीर सिंह, जिला कम्युनिटी प्रोसेस प्रबंधक
चंद्रशेखर, अर्बन हेल्थ कोआर्डिनेटर प्रमोद कुमार, प्रतिनिधि बाल विकास एवं
पुष्टाहार विभाग, नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से प्रभारी चिकित्सा
अधिकारी, मण्डलीय हेल्थ कॉर्डिनेटर युनिसेफ से सुजीत, पीएसआई इंडिया से
मोहम्मद रिजवान एवं ममता सैनी आदि मौजूद रहे।










