रांची,  डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (डीएसपीएमयू) के आदिवासी छात्र संघ के अध्यक्ष विवेक तिर्की के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव राहुल पुरवार से मुलाकात कर छात्रहित से जुड़े विभिन्न शैक्षणिक एवं प्रशासनिक मुद्दों पर ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय में व्याप्त समस्याओं के समाधान और शैक्षणिक व्यवस्था में सुधार की मांग करते हुए कई महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए।

प्रधान सचिव से मुलाकात के दौरान विवेक तिर्की ने विश्वविद्यालय में सीटों में की गई कटौती वापस लेने, झारखंडी एवं जनजातीय भाषाओं के साथ कथित भेदभाव समाप्त करने, गैर-शैक्षणिक गतिविधियों में संलिप्त शिक्षकों की जांच कराने, शिक्षकों एवं कर्मचारियों के लिए बायोमेट्रिक उपस्थिति व्यवस्था लागू करने, छात्रों पर दर्ज कथित झूठे मामलों को वापस लेने, एआईसीटीई से संबंधित पाठ्यक्रमों की मान्यता की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने तथा 'एक व्यक्ति-एक पद' सिद्धांत लागू करने की मांग रखी।

विवेक तिर्की ने कहा कि इन मांगों पर गंभीरता से कार्रवाई होने से विश्वविद्यालय का शैक्षणिक माहौल बेहतर होगा, प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ेगी और विद्यार्थियों के हितों की प्रभावी ढंग से रक्षा हो सकेगी। उन्होंने कहा कि छात्र लंबे समय से इन मुद्दों को उठा रहे हैं और अब इनका शीघ्र समाधान आवश्यक है।

प्रधान सचिव राहुल पुरवार ने प्रतिनिधिमंडल की मांगों को गंभीरता से सुना और भरोसा दिलाया कि छात्रहित से जुड़े सभी बिंदुओं पर विभाग स्तर पर विचार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अगले तीन से चार माह के भीतर विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव कराने की दिशा में आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही विश्वविद्यालय में स्थायी शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया भी प्रगति पर है, जिसे जल्द पूरा करने की दिशा में विभाग कार्य कर रहा है।

उन्होंने विश्वास जताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन शैक्षणिक और प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए प्रभावी कदम उठाएगा, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।

प्रधान सचिव से मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल में सीमा मुर्मू सहित आदिवासी छात्र संघ के अन्य सदस्य भी उपस्थित थे।

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