रांची: झारखंड में बिजली आपूर्ति को अधिक विश्वसनीय और निर्बाध बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने प्रयास तेज कर दिए हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ऊर्जा विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में बिजली ग्रिड, ट्रांसमिशन नेटवर्क और वितरण व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण एवं निर्बाध बिजली आपूर्ति सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को ट्रांसमिशन लाइन, सब-स्टेशन और ग्रिड से संबंधित लंबित परियोजनाओं को तय समयसीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि जहां भी तकनीकी खामियां या क्षमता की कमी के कारण बिजली आपूर्ति प्रभावित हो रही है, वहां तत्काल सुधारात्मक कदम उठाए जाएं। उन्होंने बिजली व्यवस्था की नियमित निगरानी करने और किसी भी प्रकार की खराबी या बाधा आने पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

समीक्षा बैठक में ट्रांसमिशन क्षमता बढ़ाने, नए ग्रिड सब-स्टेशनों की स्थापना, पुराने उपकरणों के आधुनिकीकरण तथा बढ़ती बिजली मांग को देखते हुए भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप योजनाएं तैयार करने पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि उपभोक्ताओं की शिकायतों का त्वरित निस्तारण किया जाए और बिजली कटौती की घटनाओं को न्यूनतम करने के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि बेहतर बिजली व्यवस्था से उद्योगों, कृषि क्षेत्र और आम उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिलेगा तथा राज्य के आर्थिक विकास को भी गति मिलेगी।

ऊर्जा विभाग के अधिकारियों ने बैठक में विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति से मुख्यमंत्री को अवगत कराया और भरोसा दिलाया कि ग्रिड एवं ट्रांसमिशन नेटवर्क को मजबूत करने के लिए आवश्यक कार्यों में तेजी लाई जाएगी। सरकार का उद्देश्य राज्य के सभी क्षेत्रों में सुरक्षित, स्थिर और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना है।

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