जेएसएससी-सीजीएल नियुक्तियों को रद्द करने के फैसले पर हाई कोर्ट की रोक, 99 कर्मियों को राहत
रांची: झारखंड में JSSC-CGL नियुक्ति विवाद से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। झारखंड हाईकोर्ट ने JSSC-CGL परीक्षा (विज्ञापन संख्या 10/2023) के आधार पर नियुक्त किए गए 99 कर्मियों की नियुक्ति रद्द करने के राज्य सरकार के आदेश पर फिलहाल रोक लगा दी है। हाईकोर्ट के इस आदेश से याचिकाकर्ता कर्मियों को बड़ी अंतरिम राहत मिली है। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति दीपक रोशन की अदालत में हुई। आकाश गौरव समेत 99 कर्मियों की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने राज्य सरकार और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) से जवाब मांगा है। अदालत ने दोनों पक्षों को 15 सितंबर 2026 तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। इसी दिन मामले की अगली सुनवाई भी होगी। याचिकाकर्ताओं ने राज्य सरकार की उस अधिसूचना को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, जिसके तहत JSSC-CGL के जरिए हुई नियुक्तियों को प्रभावित किया गया था। कर्मियों की ओर से अदालत में पूर्व महाधिवक्ता एवं वरीय अधिवक्ता राजीव रंजन और अधिवक्ता श्रेय मिश्रा ने पक्ष रखा। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से दलील दी गई कि JSSC द्वारा आयोजित प्रतियोगिता परीक्षा के परिणाम के आधार पर चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति हो चुकी है और वे अपने-अपने पदों पर कार्यरत हैं। ऐसे में नियुक्ति रद्द करने के सरकार के फैसले को चुनौती दी गई। अदालत ने फिलहाल सरकार के आदेश पर रोक लगाते हुए मामले में जवाब मांगा है। दरअसल, JSSC-CGL समेत कई नियुक्ति परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर CID की जांच चल रही है। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर राज्य सरकार ने 18 अगस्त 2026 को कई नियुक्ति परीक्षाओं को लेकर बड़ा फैसला लिया था। सरकार की ओर से उन परीक्षाओं को रद्द करने की घोषणा की गई थी, जिनमें कथित तौर पर TDPL की भूमिका सामने आई थी। इसके अलावा वर्ष 2014 से अब तक आयोजित विभिन्न नियुक्ति परीक्षाओं में संभावित अनियमितताओं की जांच कराने की बात भी कही गई थी। इसके बाद संबंधित विभाग की ओर से अधिसूचना जारी की गई। सरकार के फैसले के बाद JSSC-CGL से नियुक्त कर्मियों की नौकरी पर संकट खड़ा हो गया था। इसके बाद प्रभावित कर्मियों ने हाईकोर्ट का रुख किया। अब अदालत के ताजा आदेश से 99 याचिकाकर्ताओं को तत्काल राहत मिली है। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि हाईकोर्ट ने फिलहाल नियुक्ति रद्द करने के आदेश पर रोक लगाई है। मामले पर अंतिम फैसला अभी नहीं आया है। अंतिम स्थिति सरकार और JSSC के जवाब तथा आगे होने वाली न्यायिक सुनवाई के बाद स्पष्ट होगी। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और JSSC को अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है। अब 15 सितंबर 2026 को होने वाली सुनवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है। उस दिन सरकार और आयोग की ओर से अदालत में जवाब दाखिल किया जाएगा और मामले में आगे की कानूनी स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। फिलहाल हाईकोर्ट के आदेश से 99 JSSC-CGL कर्मियों को बड़ी राहत मिली है और नियुक्ति रद्द होने का तत्काल खतरा टल गया है। वहीं, व्यापक JSSC-CGL विवाद में CID की जांच भी जारी है। नोट: हाईकोर्ट की यह राहत अंतरिम है; इसे नियुक्तियों पर अंतिम न्यायिक मुहर के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।JSSC-CGL नियुक्ति रद्द करने के फैसले पर हाईकोर्ट की रोक, 99 कर्मियों को बड़ी राहत
नियुक्ति रद्द करने के सरकारी फैसले को दी गई थी चुनौती
CID जांच के बाद सरकार ने लिया था बड़ा फैसला
99 कर्मियों को मिली अंतरिम राहत
15 सितंबर को फिर होगी सुनवाई














