रांची/हजारीबाग: झारखंड हाईकोर्ट की अधिवक्ता अनुष्का चक्रवर्ती की संदिग्ध मौत के मामले में हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी में तेजी लाने और उन्हें जल्द गिरफ्तार करने की बात कही। इस मामले में मृतका के पति कुशाग्र रुद्र पहले ही आत्मसमर्पण कर चुका है और पुलिस उससे पूछताछ भी कर चुकी है। अब जांच का मुख्य केंद्र ससुराल पक्ष के अन्य नामजद आरोपी और घटना से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य हैं।

अनुष्का की मौत के बाद से ही उनके परिजन लगातार न्याय की मांग कर रहे हैं। परिवार ने पति और ससुराल पक्ष के सदस्यों पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने तथा हत्या करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं, आरोपी पति ने पुलिस पूछताछ में पत्नी की मौत को आत्महत्या बताया है। ऐसे में हाईकोर्ट की सुनवाई और पुलिस जांच इस मामले में काफी महत्वपूर्ण हो गई है।

22 अक्टूबर को फ्लैट में मिला था अनुष्का का शव

मामला हजारीबाग जिले के बड़ा बाजार थाना क्षेत्र स्थित बंगाली कॉलोनी के गुप्ता कॉम्प्लेक्स का है। 22 अक्टूबर 2026 को यहां फ्लैट नंबर 304 में 28 वर्षीय अधिवक्ता अनुष्का चक्रवर्ती का शव संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटका मिला था।

अनुष्का झारखंड हाईकोर्ट में अधिवक्ता के रूप में प्रैक्टिस करती थीं। उन्होंने करीब तीन वर्ष पहले कारोबारी कुशाग्र रुद्र से प्रेम विवाह किया था। शादी के बाद दोनों हजारीबाग में रह रहे थे।

घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। बाद में अनुष्का के पिता ने पति और उसके परिवार के सदस्यों के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई।

भाई ने हाईकोर्ट में दाखिल की क्रिमिनल रिट याचिका

अनुष्का की मौत के मामले में उनके भाई देवजीत चक्रवर्ती ने झारखंड हाईकोर्ट में क्रिमिनल रिट याचिका दाखिल की थी। याचिका में मामले की स्वतंत्र, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराने की मांग की गई थी।

26 अक्टूबर को हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने जांच को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश दिया था। राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि अब मामले की जांच डीएसपी रैंक के अधिकारी करेंगे। इससे पहले अनुसंधान सब-इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी कर रहे थे।

अदालत ने जांच की प्रगति रिपोर्ट भी मांगी थी और अगली सुनवाई 2 नवंबर को निर्धारित की थी। याचिकाकर्ता की ओर से घटनास्थल की परिस्थितियों, पोस्टमार्टम और मृतका के शरीर पर कथित चोट के निशानों को लेकर सवाल उठाए गए थे। https://www.hblive.co.in/crime/anushka-chakravarti-maut-mamale-ki-janch-ab-diesapi-karenge-haikort-ne

पोस्टमार्टम और घटनास्थल की परिस्थितियों पर उठे सवाल

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया था कि अनुष्का का शव जिस स्थिति में मिला, उससे कई सवाल पैदा होते हैं। उनके शरीर पर चोट के निशान होने और शव के पंखे से लटके होने के बावजूद पैर जमीन को छूने की बात भी अदालत के समक्ष रखी गई थी।

इसके अलावा पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए गए थे। याचिकाकर्ता पक्ष का दावा था कि शव का लगभग तीन घंटे के भीतर दो बार पोस्टमार्टम किया गया। इन परिस्थितियों को देखते हुए परिवार ने जांच को वरिष्ठ अधिकारी के हाथों में सौंपने की मांग की थी।

पति कुशाग्र रुद्र 48 घंटे की रिमांड के बाद जेल भेजा गया

इस मामले में आरोपी पति कुशाग्र रुद्र ने 29 अक्टूबर को अदालत में आत्मसमर्पण किया था। इसके बाद पुलिस ने उसे 48 घंटे की रिमांड पर लेकर पूछताछ की।

पूछताछ के दौरान कुशाग्र ने अनुष्का की मौत को आत्महत्या बताया और इसमें अपनी या किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका से इनकार किया। उसने घटना के दिन घर से बाहर जाने और लौटने पर दरवाजा अंदर से बंद मिलने की बात कही थी।

पुलिस रिमांड की अवधि पूरी होने के बाद 2 नवंबर को उसे दोबारा न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। अब पुलिस उसके बयान का मिलान घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और फॉरेंसिक जांच से कर रही है। https://www.hblive.co.in/crime/anushka-chakravarti-maut-mamala-48-ghnte-ki-puchhatachh-ke-bad-pati

अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी पर टिकी नजर

मामले में अब अन्य नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। मृतका के परिजनों ने पति के अलावा उसके माता-पिता और ससुराल पक्ष के अन्य सदस्यों पर भी प्रताड़ना और हत्या में शामिल होने के आरोप लगाए हैं।

हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी का मुद्दा भी महत्वपूर्ण रहा। अदालत की सख्ती के बाद पुलिस पर शेष आरोपियों की तलाश और गिरफ्तारी को लेकर कार्रवाई तेज करने का दबाव है।

फॉरेंसिक रिपोर्ट से खुल सकते हैं कई राज

फिलहाल पुलिस के सामने घटना की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाना सबसे बड़ी चुनौती है। जांच में पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक साक्ष्य, मोबाइल फोन और कॉल डिटेल, घटनास्थल की स्थिति तथा संबंधित लोगों के बयानों की अहम भूमिका हो सकती है।

अनुष्का के परिजन चाहते हैं कि मामले के सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर निष्पक्ष जांच की जाए और उनकी बेटी को न्याय मिले।

अब सबकी निगाहें हाईकोर्ट की अगली कार्रवाई और पुलिस की जांच पर टिकी हैं। इस मामले में अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी और फॉरेंसिक रिपोर्ट से अनुष्का की संदिग्ध मौत से जुड़े कई महत्वपूर्ण सवालों के जवाब मिलने की उम्मीद है।


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