भगवान श्रीकृष्ण ने कष्टों के बीच रहकर भी जीवन को सार्थक बनाने की दी सीख: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री इस्कॉन मंदिर भोपाल में आयोजित श्रीकृष्ण जन्म उत्सव में हुए शामिल
भोपाल, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि
कष्टों के बीच जीवन को किस तरह सार्थक बनाया जा सकता है, यह भगवान
श्रीकृष्ण से सीखा जा सकता है। उन्होंने कंस को जो एक सत्ताधीश थे, उनके घर
में ही घुसकर मार कर साहस और शौर्य का परिचय दिया।
मुख्यमंत्री
डॉ. यादव शुक्रवार की रात भोपाल के पटेल नगर स्थित इस्कॉन मंदिर में आयोजित
श्रीकृष्ण जन्म उत्सव को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में
नगरीय क्षेत्रों में गीता भवन और ग्रामीण क्षेत्रों में वृंदावन ग्राम
प्रारंभ किये जा रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा गौशालाओं के संचालन के लिए
सहायता दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में प्रस्तुत भजन भी सुने।
मुख्यमंत्री
डॉ. यादव ने कहा कि घर-घर गोपाल की कल्पना को साकार करते हुए प्रदेश में
गौपालन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। प्रदेश में दुग्ध उत्पादन वृद्धि के
प्रयास किये जा रहे हैं। आने वाले समय में मध्य प्रदेश इस क्षेत्र में देश
में नंबर वन बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान श्रीकृष्ण जन्माष्टमी
की सभी श्रद्धालुओं को बधाई दी।
उन्होंने कहा कि इस्कॉन मंदिर में
आकर वृंदावन की भांति महसूस होता है। भगवान श्रीकृष्ण ने अपने जीवन काल में
मित्रता के महत्व को भी स्थापित किया। साथ ही शिक्षा की महत्ता स्थापित
की। उन्होंने उज्जैन में गुरु सांदीपनि से शिक्षा ग्रहण की। अपने जीवन में
ही जगतगुरु की उपाधि भी उन्होंने प्राप्त की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा
कि प्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू करने की पहल की गई। संविधान की
दृष्टि से सभी नागरिक समान हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि
प्रदेश में श्रीकृष्ण पाथेय का निर्माण किया जा रहा है। प्रारंभ में संस्था
द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने
इस्कॉन मंदिर पहुंचकर भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा पर नमन कर पूजा अर्चना
की। उन्होंने इस्कॉन संस्था के संस्थापक स्वामी प्रभुपाद की प्रतिमा को भी
नमन किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नए इस्कॉन मंदिर निर्माण
की कल्पना की सराहना की। उन्होंने बताया कि जब वे उज्जैन विकास प्राधिकरण
के अध्यक्ष थे तो सर्वप्रथम मध्य प्रदेश में उज्जैन में ही इस्कॉन मंदिर
प्रारंभ हुआ। यह सिलसिला राजधानी भोपाल तक पहुंचा है। यहां निर्मित किये जा
रहे नए मंदिर की वास्तुकला और नागर शैली के अनुरूप निर्माण की पहल
प्रशंसनीय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नए इस्कॉन मंदिर निर्माण के लिए
बनाए गए प्रोजेक्ट की जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को इस्कॉन
संस्थान की ओर से स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया।















