नई दिल्ली,  दिल्ली स्थित कांस्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में शनिवार को साहित्यिक एवं सांस्कृतिक समारोह के दौरान दो पुस्तकों का लोकार्पण किया गया।

इन दो महत्वपूर्ण पुस्तकों में “डिफेंडर्स ऑफ अखंड भारत” (लेखक-डॉ. अशोक उपाध्याय एवं डॉ. शोभा उपाध्याय) और “सोलह संस्कार ऑफ सनातन धर्म” (लेखक-डॉ. शोभा उपाध्याय) हैं। इन पुस्तकों का मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी को भारत की सभ्यतागत विरासत को समझने, उसका सम्मान करने और उसे आगे बढ़ाने की प्रेरणा देना है।

अपने संयुक्त संबोधन में लेखकों ने इस बात पर जोर दिया कि भारत की महानता केवल उसकी सैन्य शक्ति में ही नहीं, उसके सांस्कृतिक मूल्यों और सभ्यतागत निरंतरता में भी निहित है।

इन पुस्तकों के संदेश को आज के समय में अत्यंत प्रासंगिक बताते हुए मुख्य वक्ताओं ने कहा, “शस्त्र राष्ट्र की सीमाओं की रक्षा करते हैं जबकि संस्कार उसकी आत्मा की रक्षा करते हैं।”

इन पुस्तकों में यह भी विश्लेषण किया गया है कि राजनीतिक उथल-पुथल और अनेक ऐतिहासिक परिवर्तनों के बावजूद भारतीय सभ्यता 5,000 वर्षों से अधिक समय से कैसे और क्यों निरंतर बनी हुई है।

इस समारोह की अध्यक्षता इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केन्द्र (आईजीएनसीए) के अध्यक्ष 'पद्म भूषण' राम बहादुर राय ने की। इस दौरान मुख्य अतिथि के रूप में केन्द्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह, मुख्य वक्ता राज्यसभा के सदस्य एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. सुधांशु त्रिवेदी, कुशाभाऊ ठाकरे विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बलदेव भाई शर्मा, भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्याम जाजू जी और प्रभात प्रकाशन के प्रबंध निदेशक प्रभात कुमार मौजूद रहे।