भारत-नेपाल सीमा पर अमेरिकी नागरिक के साथ पकड़ा गया प्रतिबन्धित संगठन वारिस पंजाब दे का सदस्य
नेपाल से भारत में प्रवेश करा रहे तीन स्थानीय नागरिक भी हिरासत में
बहराइच, भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पुलिस व एसएसबी ने
संयुक्त अभियान चलाकर गुरुवार को बड़ी सफलता हासिल की है। रूपईडीहा सीमा
क्षेत्र में नियमित जांच के दौरान सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) और स्थानीय
पुलिस की सतर्कता से एक अमेरिकी नागरिक के साथ प्रतिबंधित संगठन ‘वारिस
पंजाब दे’ से जुड़े वांछित आरोपित को गिरफ्तार किया गया है। इसके साथ ही
भारत में इनको प्रवेश करा रहे तीन स्थानीय नागरिकों को भी हिरासत में लिया
गया है। मामला सामने आने के बाद खुफिया एजेंसियां भी सक्रिय हो गई हैं और
पूरे नेटवर्क की गहन जांच शुरू कर दी गई है।
प्राप्त जानकारी के
अनुसार, पकड़े गए मुख्य आरोपित की पहचान प्रतिबंधित संगठन ‘वारिस पंजाब दे’
से जुड़े विक्रमजीत सिंह निवासी रूपनगर (पंजाब) के रूप में हुई है। वह
वर्ष 2023 में अजनाला थाने पर हुए चर्चित हमले के मामले में वांछित था और
लंबे समय से गिरफ्तारी से बचता फिर रहा था। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने
आया है कि वह नेपाल में कथित रूप से फर्जी पहचान और दस्तावेजों के सहारे
रह रहा था। दूसरे की पहचान मनवीर सिंह ढिल्लों के रुप में हुई है, जो मूल
रूप से पंजाब के मोगा का निवासी था और इन दिनों अमेरिका का नागरिक है। इन
दोनों को नेपाल के रास्ते बिना वैध भारतीय वीजा के सीमा पार करते हुए पकड़ा
गया। हालांकि इनके साथ मौजूद मनवीर की पत्नी और बच्चे के आवश्यक वैध
यात्रा दस्तावेज सही पाए गए। निर्धारित इमीग्रेशन प्रक्रिया पूरी करने के
बाद उन्हें नियमों के अनुरूप प्रवेश की अनुमति दे दी गई।
जांच के
दौरान एसएसबी और पुलिस ने उन तीन स्थानीय लोगों को भी हिरासत में लिया है
जिन पर अवैध सीमा पार कराने और परिवहन की व्यवस्था कराने का आरोप है। इनमें
सुरेश कुमार पाठक, दिलीप उपाध्याय तथा वाहन चालक राहुल कुमार शामिल बताए
जा रहे हैं।
हालांकि इस मामले में अभी तक किसी सक्षम अधिकारी का
आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन स्थानीय थाना के सूत्रों ने खबर की
पुष्टि की है और फोटो व वीडियो भी जारी हुए हैं। वहीं एसएसबी, स्थानीय
पुलिस की संयुक्त टीमें सभी आरोपियों से अलग-अलग पहलुओं पर पूछताछ कर रही
हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस पूरे नेटवर्क में और
कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा सीमा पार गतिविधियों में उनकी क्या भूमिका रही
है। भारत-नेपाल सीमा पर निगरानी लगातार और अधिक सख्त की जा रही है।
प्रारंभिक जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।















