प्रधानमंत्री दो अगस्त को ‘विकसित भारत के लिए नशा मुक्त युवा संकल्प अभियान’ का करेंगे शुभारंभ
नई
दिल्ली, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दो अगस्त को
‘विकसित भारत के लिए नशा मुक्त युवा संकल्प अभियान’ का शुभारंभ करेंगे।
‘माय भारत’ के नेतृत्व में शुरू होने वाले इस राष्ट्रव्यापी अभियान का
उद्देश्य युवाओं को नशा मुक्त भारत के राष्ट्रीय मिशन से जोड़ना और मादक
पदार्थों के दुरुपयोग के खिलाफ जन आंदोलन खड़ा करना है।
युवा
कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के अनुसार प्रधानमंत्री युवाओं से जनभागीदारी
की भावना के साथ नशे के खिलाफ देशव्यापी अभियान का नेतृत्व करने का आह्वान
करेंगे। अभियान के तहत जागरूकता, सामुदायिक सहभागिता और निरंतर जन भागीदारी
के माध्यम से युवाओं को नशामुक्त भारत के निर्माण के लिए एक साझा
राष्ट्रीय मिशन से जोड़ा जाएगा।
प्रधानमंत्री के संबोधन के बाद
देशभर में लगभग 10 हजार स्थानों पर एकसाथ शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित किए
जाएंगे। इनमें एक करोड़ से अधिक युवा नशा मुक्ति की शपथ लेकर नशा मुक्त
समाज के निर्माण और राष्ट्र निर्माण के लिए स्वयंसेवक के रूप में कार्य
करने का संकल्प लेंगे।
अभियान में ‘माय भारत’ स्वयंसेवकों,
राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस), युवा क्लबों, स्कूलों, कॉलेजों,
विश्वविद्यालयों, गैर-सरकारी संगठनों, औद्योगिक संगठनों तथा 125 से अधिक
आध्यात्मिक संस्थाओं की भागीदारी होगी। सरकार का कहना है कि यह देश में
मादक पदार्थों के दुरुपयोग के खिलाफ युवाओं के नेतृत्व वाले सबसे बड़े जन
आंदोलनों में से एक होगा।
सरकार के अनुसार यह अभियान केवल जागरूकता
कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे 100 सप्ताह के सतत जनभागीदारी
अभियान के रूप में चलाया जाएगा। अगले 100 सप्ताह तक प्रत्येक रविवार को
देशभर में युवाओं के नेतृत्व में खेल प्रतियोगिताएं, पैदल मार्च, ध्यान
सत्र, सांस्कृतिक कार्यक्रम, कला एवं रचनात्मक प्रतियोगिताएं, नुक्कड़ नाटक
और जनजागरूकता अभियान आयोजित किए जाएंगे। इन गतिविधियों का उद्देश्य
स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना, समाज को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति
जागरूक करना और युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक राष्ट्र निर्माण की दिशा में
लगाना है।
अभियान में उत्कृष्ट योगदान देने वाले स्वयंसेवकों और
संगठनों को 50वें, 75वें और 100वें सप्ताह पर सम्मानित भी किया जाएगा।
केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने देशभर के युवाओं
और सामाजिक संगठनों से प्रधानमंत्री की इस पहल का समर्थन करते हुए अभियान
में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की है।
सरकार का कहना है कि
‘विकसित भारत की सबसे बड़ी शक्ति नशा मुक्त युवा हैं’ के संदेश पर आधारित
यह अभियान विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में युवाओं की
भागीदारी सुनिश्चित करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।










