अमरनाथ धाम के लिए 11वें जत्थे में 9,153 से ज्यादा तीर्थयात्री कड़ी सुरक्षा के बीच रवाना
अब तक 2.30 लाख से ज़्यादा श्रद्धालु कर चुके हैं हिम शिवलिंग के दर्शन
जम्मू, सालाना अमरनाथ यात्रा के लिए रविवार सुबह कड़ी सुरक्षा
के बीच 9,153 तीर्थयात्रियों का 11 वां जत्था जम्मू के भगवती नगर यात्री
निवास से दक्षिण कश्मीर हिमालय में स्थित पवित्र गुफा मंदिर के लिए रवाना
हुआ। सुरक्षा कर्मियों और सिविल प्रशासन ने जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर
तीर्थयात्रियों की सुचारू आवाजाही सुनिश्चित की। उनकी सुरक्षा, चिकित्सा
सहायता, ट्रैफ़िक कंट्रोल और लॉजिस्टिकल सपोर्ट के लिए व्यापक इंतज़ाम किए
गए थे।
अधिकारियों ने बताया कि इस नए जत्थे में 2,345 महिलाएं और
18 बच्चे हैं। तीर्थयात्रियों का 11वां जत्था 359 गाड़ियों में सवार होकर
कई स्तरों वाली सुरक्षा व्यवस्था के तहत दो अलग-अलग काफिलों में बेस कैंप
से निकला। पहले काफिले में 3,429 तीर्थयात्री थे, जो सुबह 2:44 बजे गांदरबल
ज़िले के बालटाल बेस कैंप के लिए रवाना हुए। दूसरे काफिले में 5,724
तीर्थयात्री थे, जो सुबह 3:35 बजे अनंतनाग ज़िले के नुनवान (पहलगाम) बेस
कैंप के लिए निकले।
अधिकारियों के अनुसार इस साल तीर्थयात्रा में
लोगों की भारी भागीदारी देखी गई है। 3 जुलाई को यात्रा शुरू होने के बाद से
2.30 लाख से ज़्यादा श्रद्धालुओं ने पवित्र अमरनाथ गुफा मंदिर के अंदर
प्राकृतिक रूप से बने बर्फ़ के शिवलिंग के दर्शन और पूजा-अर्चना की है। 57
दिनों तक चलने वाली यह सालाना तीर्थयात्रा 28 अगस्त को रक्षा बंधन के
त्योहार के साथ संपन्न होगी। अधिकारियों को उम्मीद है कि आने वाले हफ़्तों
में भी तीर्थयात्रियों का आना जारी रहेगा।














