पवित्र छड़ी मुबारक पहलगाम के लिए रवाना, अमरनाथ की पारंपरिक वार्षिक यात्रा शुरू
28 अगस्त को रक्षाबंधन पर पवित्र गुफा में होगी विशेष पूजा-अर्चना, 30 अगस्त को होगा पारंपरिक विसर्जन
श्रीनगर,
22 अगस्त (हि.स.)। भगवान शिव के पवित्र प्रतीक ‘छड़ी मुबारक’ को शनिवार को
पारंपरिक पूजा-अर्चना के बाद श्रीनगर स्थित दशनामी अखाड़ा भवन से पहलगाम
के लिए रवाना किया गया। इसके साथ ही श्री अमरनाथ की पवित्र गुफा की
पारंपरिक वार्षिक यात्रा की शुरुआत हो गई।
छड़ी मुबारक के संरक्षक
महंत दीपेंद्र गिरी ने बताया कि पारंपरिक पड़ावों पर प्रतीकात्मक
पूजा-अर्चना के बाद पवित्र छड़ी पहलगाम पहुंचेगी। निर्धारित कार्यक्रम के
अनुसार छड़ी मुबारक 24 अगस्त को चंदनवाड़ी और 25 अगस्त को शेषनाग में
रुकेगी। इसके बाद 26 और 27 अगस्त को पंचतरणी में प्रवास करेगी।
उन्होंने
बताया कि 28 अगस्त को रक्षाबंधन के अवसर पर छड़ी मुबारक को पवित्र गुफा ले
जाया जाएगा। वहां पारंपरिक पूजा-अर्चना और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ इसे
स्थापित किया जाएगा।
यह धार्मिक अनुष्ठान उस सदियों पुरानी परंपरा
से जुड़ा है, जिसके अनुसार भगवान शिव ने पवित्र गुफा में माता पार्वती को
अमरत्व की कथा सुनाई थी।
पवित्र गुफा में धार्मिक अनुष्ठान संपन्न
होने के बाद छड़ी मुबारक पंचतरणी लौटेगी। 29 अगस्त को शेषनाग और चंदनवाड़ी
होते हुए इसके पहलगाम पहुंचने का कार्यक्रम है। वार्षिक यात्रा का समापन 30
अगस्त को पूजा-अर्चना और पारंपरिक विसर्जन समारोह के साथ होगा।














