रांची: गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर शहर के श्री राधा कृष्ण प्रणामी मंदिर में श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे और गुरु चरणों में नमन कर सुख-समृद्धि एवं मंगलमय जीवन की कामना की। मंदिर परिसर पूरे दिन भजन-कीर्तन, प्रवचन और धार्मिक अनुष्ठानों से भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा।

मंदिर में गुरु पूजन के साथ विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। श्रद्धालुओं ने गुरु महिमा का गुणगान करते हुए पारंपरिक रीति-रिवाजों से पूजा-अर्चना की। इस दौरान गुरु के बताए मार्ग पर चलने और मानव सेवा का संकल्प भी लिया गया।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण 51 किलो केसरिया खीर का विशेष भोग रहा। शुद्ध दूध, केसर, मेवे और पारंपरिक सामग्री से तैयार इस महाप्रसाद को पहले भगवान श्री राधा-कृष्ण को अर्पित किया गया, जिसके बाद हजारों श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। प्रसाद ग्रहण करने के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं।

मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि गुरु पूर्णिमा भारतीय संस्कृति में गुरु के प्रति श्रद्धा, सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का महापर्व है। इसी भावना के साथ हर वर्ष विशेष आयोजन किया जाता है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेते हैं।

पूरे आयोजन के दौरान मंदिर परिसर को आकर्षक फूलों और रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया था। स्वयंसेवकों ने प्रसाद वितरण, पेयजल और अन्य व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संचालित किया, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

गुरु पूर्णिमा के इस भव्य आयोजन ने श्रद्धा, सेवा और भारतीय आध्यात्मिक परंपरा की जीवंत झलक प्रस्तुत की। भक्तों ने गुरु कृपा प्राप्त कर समाज में प्रेम, सद्भाव और मानवता का संदेश फैलाने का संकल्प लिया।

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