बलोचिस्तान में पाकिस्तानी सेना कलात और शोरपरुद की पहाड़ियों से शरणार्थी शिविर हटाएगी : मुख्यमंत्री बुगती
क्वेटा
(बलोचिस्तान) पाकिस्तान, बलोचिस्तान के कलात और
शोरपरुद की पहाड़ियों में स्थापित शरणार्थी शिविरों में रहने वाले लगभग
1000 लोगों के सामने संकट आने वाला है। मुख्यमंत्री मीर सरफराज बुगती ने
बलोचिस्तान असेंबली की मीटिंग में कहा कि इन पहाड़ियों में 1,000 लोगों की
आबादी को हटाकर दूसरी जगह बसाने के लिए पाक सेना अभियान चलाएगी।
द
बलोचिस्तान पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार मुख्यमंत्री बुगती ने कहा कि 1970
के बाद से शोरपरुद के पहाड़ों में शरणार्थी शिविर पूरी तरह खत्म नहीं हुए।
इससे गंभीर समस्या पैदा हो गई है। उन्होंने कहा कि जो लोग कहते हैं कि पहले
शांति थी, उन्हें यह भी देखना चाहिए कि शांति के समय में भी जंग की तैयारी
जारी रहती थी। उन्होंने कहा कि आतंकवादियों ने मस्तुंग इलाके में सुरक्षा
बलों पर हमला किया। जवान शहीद हो गए।
उन्होंने आरोप लगाया कि लोग
अपने बागों में आतंकवादियों को शरण दे रहे हैं। इसलिए बागों पर पहरा बैठाया
जाएगा। नूशकी समेत मस्तुंग के बटू, अहमदवाल, हारुनी और जोर्किन गांवों को
दो महीने के लिए कुछ समय के लिए खाली करने का आदेश दिया गया है। बताया गया
है कि सेना ने इसके बाद स्थानीय लोगों को जबरदस्ती निकालना शुरू कर दिया
है।
द बलोचिस्तान पोस्ट की अन्य रिपोर्ट के अनुसार राजधानी क्वेटा
के हजारगंज इलाके में अनजान लोगों ने शालकोट थाना पर तीन हैंड ग्रेनेड
फेंके। हमले में एक पुलिसकर्मी और एक राहगीर घायल हो गए। इससे पहले शनिवार
को कोस्टल हाइवे पर पेट्रोलिंग कर रही पाकिस्तानी सेना की एक आर्मर्ड गाड़ी
पर हथियारबंद लोगों ने गोली चलाई। इस हमले में दो सैनिक मार गए और दो घायल
हो गए।















