होर्मुज में शांति के प्रयास, अच्छी वार्ता के कयास, ट्रंप ने कहा- जल्दी करो
वाशिंगटन/तेहरान, अमेरिका और ईरान की हठ की वजह से अंतरराष्ट्रीय समुद्री
गलियारा होर्मुज जलडमरूमध्य के खौलते पानी से झुलस रहे समूचे मध्य पूर्व
(पश्चिम एशिया) को राहत की खुशखबरी मिल सकती है। अमेरिकी राष्ट्रपति
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वाशिंगटन की तेहरान के साथ "बहुत दोस्ताना बातचीत"
हो रही है। मगर उन्होंने संकेत दिया है कि वह लंबी बातचीत के लिए तैयार
नहीं हैं। वह चाहते हैं कि जो कुछ भी हो जल्द हो। इस पर ईरान ने कहा कि
अमेरिका युद्ध से बाहर निकलने का रास्ता खोजने के लिए तड़प रहा है।
अल
जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले में ईरान सावधानी से नपे-तुले और
व्यावहारिक तरीके से आगे बढ़ रहा है वह चाहता है कि शांति लौटे पर अमेरिका
की मनमानी शर्तों पर नहीं। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता की
साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में कही गई यह शायद सबसे अहम बात है। ईरान
मिला-जुला और दोतरफा संदेश देने की कोशिश कर रहा है कि तेहरान भविष्य में
टकराव की स्थितियों का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
ईरान
की सेना के प्रमुख ने भी यही बात दोहराई है। ईरान यह भी कह रहा है कि
कूटनीति के दरवाजे न तो पूरी तरह खुले हैं और न ही पूरी तरह बंद, बल्कि वे
थोड़े खुले हैं। उधर, अमेरिका यह पक्का करना चाहता है कि होर्मुज
जलडमरूमध्य फिर से खुल जाए। ट्रंप का कहना है कि अगर ईरान जिद पर अड़ा रहा
तो उसके खिलाफ कड़ी सैन्य कार्रवाई का विकल्प उनके पास है।
इस बीच
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू वाशिंगटन पहुंच चुके हैं। उनके
ट्रंप से मिलने की उम्मीद है। इस मुलाकात में ईरान के साथ युद्ध का मुद्दा
सबसे अहम हो सकता है। वहीं, सऊदी अरब ने इराक में ईरान समर्थित समूहों के
ड्रोन हमले की निंदा की है। इन समहों ने रियाद और पूर्वी प्रांत में तेल
सुविधाओं को निशाना बनाया है।















