इस्तांबुल/येरुशलम,  पश्चिम एशिया में जारी सैन्य संघर्ष के 13वें दिन ईरान ने दावा किया है कि उसने क्षेत्र में मौजूद इजराइल और अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। वहीं इजराइल ने जवाबी कार्रवाई में ईरान के कथित परमाणु कार्यक्रम से जुड़े एक ठिकाने पर हमला करने का दावा किया है। इस हमले से पश्चिम एशिया में हालात और तनावपूर्ण हो गए हैं।

तुर्किए समाचार एजेंसी अनाडाेलू और ईरानी मीडिया की रिपाेर्ट में ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने बताया है कि गुरुवार को उसने इजराइली और अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए हैं। जबकि इजराइल ने कहा कि उसने तेहरान में ईरान के कथित परमाणु हथियार कार्यक्रम से जुड़े एक ठिकाने को निशाना बनाया है।

आईआरजीसी ने एक बयान में कहा कि हमलों में तेल अवीव और यरुशलम के आसपास स्थित सैन्य ठिकानों के साथ-साथ क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य बेस को निशाना बनाया गया। उनके अनुसार इस ऑपरेशन में खोर्रमशहर मल्टी-वॉरहेड मिसाइल, खेबर शेकन मिसाइल, फत्ताह और कादर मिसाइलों के साथ-साथ सुसाइड ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। खेबर शेकन मिसाइल एक टन तक का वारहेड ले जाने में सक्षम है।

उधर, इजराइल डिफेंस फाेस (आईडीएफ) के हवाले से कहा गया है कि उसने तेहरान में ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े एक और ठिकाने पर हमला किया। इस कार्रवाई में तालेगान कंपाउंड को निशाना बनाया गया, जिसका इस्तेमाल कथित तौर पर ईरान के न्यूक्लियर वेपन्स डेवलपमेंट प्रोग्राम से जुड़े कार्यों के लिए किया जाता था।

इज़राइल का दावा है कि इस परिसर में उन्नत विस्फोटक बनाने और 2000 के दशक के गुप्त परमाणु हथियार कार्यक्रम ‘अमाद प्रोजेक्ट’ से जुड़े संवेदनशील प्रयोग किए जाते थे। हालांकि, इजराइल के इस दावे पर ईरान ने तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

उल्लेखनीय है कि अमेरिका और इजराइल लंबे समय से ईरान पर परमाणु हथियार और उन्नत मिसाइल क्षमता विकसित करने का आरोप लगाते रहे हैं, जबकि तेहरान इन आरोपों को खारिज करते हुए कहता रहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम केवल शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है।

विशेषज्ञों के अनुसार तालेगान कंपाउंड संभवतः तेहरान के दक्षिण-पूर्व में स्थित परचिन क्षेत्र में हो सकता है। विज्ञान और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा संस्थान नामक अमेरिकी थिंक टैंक ने हाल ही में दावा किया था कि इस क्षेत्र में ईरान की कुछ गुप्त सैन्य गतिविधियां चल रही हैं।