राेम, इराक के कुर्दिस्तान क्षेत्र में एरबिल स्थित इटली के सैन्य बेस पर मिसाइल हमला हुआ है, हालांकि इस हमले में किसी भी इतालवी सैनिक के घायल होने या मारे जाने की खबर नहीं है। वहीं दूसरी ओर, इटली के रक्षा मंत्री ने इजराइल की सैन्य कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि गाजा में आम फिलिस्तीनी नागरिकों पर हो रहे हमलों को अब सही नहीं ठहराया जा सकता।

यह घटना ऐसे समय हुई है जब अमेरिका-इजराइल और ईरान का युद्ध 12 दिन से जारी है। ईरान पहले ही चेतावनी दे चुका है कि वह इलाके में मौजूद अमेरिकी और इजराइली सैन्य ठिकानों तथा उनके सहयोगियों को निशाना बनाएगा। वहीं इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने साफ किया है कि उनका देश ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजराइल की सैन्य कार्रवाई में शामिल नहीं होगा।

तुर्किए की सरकारी समाचार एजेंसी अनादोलु एजेंसी (एए) ने इटली के टीवी चैनल स्काई टीजी24 के हवाले से बताया है कि इराक के एरबिल में स्थित इटली के सैन्य बेस पर रात के समय मिसाइल से हमला किया गया। इटली के रक्षा मंत्रालय ने गुरुवार (12 मार्च) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि इस हमले में किसी भी इतालवी सैनिक को नुकसान नहीं पहुंचा है और सभी सुरक्षित हैं।

मीडिया रिपाेर्टस के अनुसार, इटली के विदेश मंत्री एंटोनियो ताजानी ने कहा कि हमले के दौरान सैनिकों ने बंकर में शरण ले ली थी और सभी सुरक्षित हैं। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, यह हमला ऐसे समय हुआ जब एरबिल में लगभग 300 इतालवी सैनिक तैनात हैं, जो स्थानीय कुर्द सुरक्षा बलों को ट्रेनिंग देने का काम कर रहे हैं। इस बीच इटली के रक्षा मंत्री गुइडो क्रोसेटो ने गाजा में आम फ़िलिस्तीनी नागरिकों पर हो रहे हमलों को लेकर कड़ी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि इन हमलों को अब “सही नहीं ठहराया जा सकता” और हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। इटैलियन टीवी चैनल से बातचीत में इटली के रक्षा मंत्री ने कहा कि गाजा में बेगुनाह पुरुष, औरतों और बच्चों के अधिकारों की अनदेखी हो रही है, जिनका हमास से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि हमास के हमले के बाद इजराइल को स्थिति से निपटना ही था, लेकिन सैन्य कार्रवाई का तरीका अलग होना चाहिए था। क्रोसेटो के मुताबिक, शुरू से ही कई देशों ने चेतावनी दी थी कि रफाह पर हमले से बचा जाना चाहिए, लेकिन इस सलाह को नहीं माना गया।

इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने हाल ही में फ़िलिस्तीनी प्रधानमंत्री मोहम्मद मुस्तफा से मुलाकात की थी। इसके बाद इटली ने गाजा के नागरिकों की मदद के लिए नई वित्तीय सहायता की घोषणा की। इटैलियन मीडिया के अनुसार, इटली लगभग 35 मिलियन यूरो (करीब 372 करोड़ रुपये) की सहायता देगा। इसमें से 5 मिलियन यूरो यूएन एजेंसी फ़ॉर फ़िलिस्तीनी रिफ्यूजी (यूएनआरडब्ल्यूए) को दिए जाएंगे।