कोलकाता,  भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) की ओर से सोमवार को अपनी विभिन्न मांगों के समर्थन में बर्नपुर स्थित टनल गेट के सामने जोरदार प्रदर्शन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रमिक और संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे। प्रदर्शन के दौरान श्रमिकों ने आईएसपी प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए श्रमिक हितों की अनदेखी का आरोप लगाया।

बीएमएस की राज्य समिति के सदस्य तथा बर्नपुर इस्पात कर्मचारी संघ के महासचिव संजीत बनर्जी ने कहा कि आईएसपी प्रबंधन लगातार ठेका श्रमिकों को काम से बाहर कर रहा है, जिससे हजारों श्रमिकों और उनके परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने कहा कि वर्षों से काम कर रहे संविदा श्रमिकों को न तो स्थायी किया जा रहा है और न ही उन्हें उचित सामाजिक सुरक्षा मिल रही है।

उन्होंने केंद्र सरकार और प्रबंधन से मांग करते हुए कहा कि यहां कार्यरत श्रमिकों को वेज कोड और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का पूरा लाभ दिया जाए। उनका कहना था कि मजदूर देश के औद्योगिक विकास की रीढ़ हैं, लेकिन उनके अधिकारों की लगातार अनदेखी की जा रही है।

संजीत बनर्जी ने यह भी आरोप लगाया कि सिर्फ संविदा कर्मियों की ही नहीं, बल्कि स्थायी कर्मचारियों की स्थिति भी संतोषजनक नहीं है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के आवासों की हालत काफी जर्जर हो चुकी है। कई क्वार्टरों में बुनियादी सुविधाओं की कमी है, लेकिन आईएसपी प्रबंधन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।

उन्होंने ईएसआई सुविधा को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए। उनका कहना था कि मजदूरों को ईएसआई का लाभ लेने के लिए रात से ही लाइन में लगना पड़ता है, इसके बावजूद उन्हें समय पर इलाज और सुविधाएं नहीं मिल पातीं। इससे श्रमिकों में भारी असंतोष है।

बीएमएस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि श्रमिकों की मांगों पर जल्द ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान श्रमिकों ने श्रम कानूनों के पालन, रोजगार सुरक्षा और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की मांग को लेकर आवाज बुलंद की।