चुनाव 26 : सांसद शताब्दी रॉय ने तृणमूल उम्मीदवार हरे राम सिंह के समर्थन में जनसभा की
आसनसोल, जामुड़िया विधानसभा क्षेत्र में तृणमूल कांग्रेस
उम्मीदवार हरेराम सिंह के समर्थन में एक जनसभा का आयोजन किया गया। यह जनसभा
चुरूलिया हाट तल्ला में आयोजित हुई, जिसमें मुख्य रूप से सांसद शताब्दी
रॉय उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में हरेराम सिंह के साथ विश्वनाथ बाउरी,
सुब्रत अधिकारी, शेख शानदार, प्रेमपाल सिंह, ब्रज नारायण राय, इंद्र
बाध्यकर, लतीफा काजी, मृदुल चक्रवर्ती, राखी कर्मकार, प्रदीप मुखर्जी और
शेख असरफ सहित कई स्थानीय नेता और कार्यकर्ता मौजूद थे।
इस अवसर पर
हरेराम सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि वर्ष 2021 में उन्हें यहां की जनता
का आशीर्वाद मिला था। उन्होंने याद दिलाया कि विधानसभा चुनाव से पहले वह
जामुड़िया के लोगों के बीच आए थे और उनसे को तीसरी बार मुख्यमंत्री बनाने
के लिए तृणमूल को समर्थन देने की अपील की थी। जनता ने उनके अनुरोध को
स्वीकार किया और उन्हें पहली बार इस क्षेत्र से विजयी बनाया। उन्होंने कहा
कि यह इलाका पहले वामपंथियों का गढ़ माना जाता था, लेकिन जनता के सहयोग से
तृणमूल को यहां जीत मिली।
हरेराम सिंह ने आगे कहा कि वह इस बार
चुनाव नहीं लड़ना चाहते थे और उन्होंने यह बात ममता बनर्जी से भी कही थी,
लेकिन ममता बनर्जी ने उन्हें दोबारा चुनाव लड़ने के लिए कहा, ताकि अधूरे
कार्यों को पूरा किया जा सके। उन्होंने दावा किया कि पिछले पांच वर्षों में
क्षेत्र में लगभग 100 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्य किए गए हैं और
जो काम शेष हैं, उन्हें अगले कार्यकाल में पूरा किया जाएगा। इसके लिए
उन्होंने जामुड़िया की जनता से समर्थन मांगा।
सभा को संबोधित करते
हुए शताब्दी रॉय ने कहा कि जो लोग धर्म के नाम पर वोट मांगते हैं, वे जनता
की भावनाओं से खेलते हैं। उन्होंने लोगों से ऐसे असाजिक तत्वों से दूर
रहने की अपील की और कहा कि मतदान विकास के आधार पर होना चाहिए। उन्होंने
कहा कि ममता बनर्जी के नेतृत्व में राज्य में बच्चों को निशुल्क शिक्षा,
राशन और लक्ष्मी भंडार योजना के तहत आर्थिक सहायता मिल रही है। किसानों को
भी विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लाभ पहुंचाया जा रहा है।
उन्होंने
कहा कि इन सभी विकास कार्यों को जारी रखने के लिए आगामी विधानसभा चुनाव में
तृणमूल को ही समर्थन देना आवश्यक है। अंत में उन्होंने सभी से तृणमूल
उम्मीदवार हरेराम सिंह के पक्ष में मतदान करने का आह्वान किया।















