तारापीठ में होटल-लॉज की फायर सेफ्टी पर सख्ती, 15 होटल बंद
कोलकाता, बीरभूम के तारापीठ में हाल ही में ‘विदेशिनी’ होटल में
हुए भीषण अग्निकांड में नौ लोगों की मौत के बाद प्रशासन ने आगामी कौशिकी
अमावस्या को लेकर होटल और लॉज की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। कौशिकी
अमावस्या के दौरान तारापीठ में लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को
देखते हुए प्रशासन ने होटल संचालकों को अग्नि सुरक्षा सहित सभी जरूरी
इंतजाम समय रहते दुरुस्त करने का निर्देश दिया है।
प्रशासन की ओर से
होटल और लॉज के लिए नौ सूत्री दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इसके तहत सभी
संचालकों को अपने जरूरी दस्तावेज और अग्निशमन व्यवस्था दुरुस्त रखने को
कहा गया है। किसी भी तरह की कमी मिलने पर कौशिकी अमावस्या से पहले उसे दूर
करने का निर्देश दिया गया है। दस्तावेज और अग्नि सुरक्षा व्यवस्था में
खामियां मिलने के बाद प्रशासन ने पहले ही 15 होटलों को नोटिस देकर उन्हें
बंद रखने का आदेश दिया है।
रामपुरहाट के महकमा शासक, एसडीपीओ, दमकल
विभाग के अधिकारी और तारापीठ थाने के प्रभारी अधिकारी समेत प्रशासन की
विशेष टीम ने होटल और लॉज का निरीक्षण शुरू कर दिया है। इस दौरान अग्निशमन
उपकरण, आपातकालीन निकास मार्ग और जरूरी दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
प्रशासन
ने होटल संचालकों को निर्देश दिया है कि आग लगने की स्थिति में क्या करना
है और होटल से बाहर निकलने का रास्ता कहां है, इसकी जानकारी पहले से ही
मेहमानों को दी जाए। आपातकालीन निकास पर स्पष्ट संकेतक लगाने होंगे। आपात
स्थिति में लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए प्रशिक्षित कर्मचारियों
की व्यवस्था भी करनी होगी।
आपातकालीन निकास मार्ग में गैस सिलेंडर,
बोतल या किसी अन्य ज्वलनशील वस्तु को रखने पर रोक लगाई गई है। निकास द्वार
पर लकड़ी के दरवाजे के बजाय ग्रिल गेट लगाने और उसे किसी भी स्थिति में
ताला लगाकर बंद नहीं रखने का निर्देश दिया गया है। छत के रास्ते के लिए भी
ग्रिल गेट लगाने और उसे खुला रखने को कहा गया है।
होटल कर्मचारियों
के मोबाइल फोन में पुलिस और दमकल विभाग के आपातकालीन नंबर सुरक्षित रखने
तथा होटल का संपर्क नंबर संबंधित विभागों को उपलब्ध कराने का निर्देश भी
दिया गया है। इसके अलावा भूमि संबंधी दस्तावेज, टीआरडीए और स्थानीय पंचायत
का अनापत्ति प्रमाणपत्र, व्यापार लाइसेंस, विद्युत फिटिंग प्रमाणपत्र,
खाद्य सुरक्षा प्रमाणपत्र, अग्निशमन विभाग का प्रमाणपत्र, प्रदूषण
प्रमाणपत्र और जीएसटी पंजीकरण जैसे जरूरी दस्तावेज तैयार रखने को कहा गया
है।
रामपुरहाट के महकमा शासक राठौर अश्विनबाबू सिंह ने कहा कि
प्रशासन के अधिकारी नियमित रूप से निरीक्षण कर रहे हैं और ऑडिट टीम भी
होटल-लॉज की व्यवस्थाओं पर नजर रख रही है। उन्होंने कहा कि कौशिकी अमावस्या
से पहले सभी होटल संचालकों को अपने दस्तावेज और सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त
रखने का निर्देश दिया गया है।
तारापीठ के अलावा सिउड़ी में भी होटल
और लॉज की सुरक्षा व्यवस्था की जांच शुरू कर दी गई है। सिउड़ी थाने में
पुलिस ने होटल और लॉज मालिकों के साथ बैठक कर अग्निशमन लाइसेंस, सराय
लाइसेंस और बिजली की वायरिंग समेत विभिन्न सुरक्षा मानकों की जानकारी ली।
अधिकारियों ने संचालकों से कहा कि लाइसेंस या दस्तावेजों में किसी तरह की
कमी हो तो उसे जल्द से जल्द दूर किया जाए।














