नए राज्यपाल को ममता बनर्जी का संदेश -बंगाल उनसे प्यार करता है जो बंगाल से प्यार करते हैं
कोलकाता, पश्चिम बंगाल के 22वें राज्यपाल के रूप में आरएन रवि ने गुरुवार को शपथ ग्रहण की। शपथ ग्रहण समारोह के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उनसे मुलाकात के दौरान कहा कि “बंगाल उनसे प्यार करता है जो बंगाल से प्यार करते हैं।”
समारोह के बाद मुख्यमंत्री ने नए राज्यपाल का स्वागत करते हुए उन्हें पारंपरिक अंगवस्त्र पहनाया। इसी दौरान उन्होंने यह संदेश भी दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बंगाल और बंगाली सभी भाषाई पृष्ठभूमि के लोगों का सम्मान करते हैं। यहां सभी लोग शांति से साथ रहते हैं। लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि बंगाल उनसे प्यार करता है जो बंगाल से प्यार करते हैं। यह बंगालियों की विशेषता है।
इस पर राज्यपाल आरएन रवि ने कहा कि पश्चिम बंगाल भारत की बौद्धिक और सांस्कृतिक राजधानी रहा है।
वहीं, राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि मुख्यमंत्री का यह बयान नए राज्यपाल के लिए एक सूक्ष्म राजनीतिक संदेश भी है। उनका मानना है कि राज्य सचिवालय और राजभवन के बीच सौहार्दपूर्ण संबंध तभी संभव हैं जब राज्य के हितों या राज्य सरकार के कामकाज के विपरीत कोई कदम नहीं उठाया जाए।
उल्लेखनीय है कि, तृणमूल कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में राजभवन और राज्य सरकार के बीच टकराव का इतिहास रहा है। यह स्थिति जगदीप धनखड़ के राज्यपाल रहने के दौरान शुरू हुई थी, जो बाद में देश के उपराष्ट्रपति बने। इसके बाद पूर्व राज्यपाल सीवी आनंद बोस के कार्यकाल में भी यह जारी रहा।
नए राज्यपाल आरएन रवि ने पूर्व राज्यपाल सीवी आनंद बोस का स्थान लिया है, जिन्होंने 5 मार्च की शाम अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। उसी शाम रवि को उनका उत्तराधिकारी घोषित किया गया। रवि बुधवार को कोलकाता पहुंचे थे, जबकि बोस अपने गृह राज्य केरल लौट गए।
पिछले लगभग डेढ़ दशक में रवि दूसरे ऐसे पूर्व खुफिया ब्यूरो प्रमुख हैं जिन्हें पश्चिम बंगाल का राज्यपाल बनाया गया है। इससे पहले वर्ष 2011 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले पूर्व खुफिया ब्यूरो प्रमुख और पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एमके नारायणन को राज्यपाल नियुक्त किया गया था।















