युवाओं में AI करियर की डिमांड तेजी से बढ़ी, बदल रहा जॉब मार्केट; जानें कौन-सी AI स्किल्स सबसे ज्यादा जरूरी
नई दिल्ली: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI तेजी से युवाओं के करियर का अहम हिस्सा बनता जा रहा है। पहले जहां AI और मशीन लर्निंग को मुख्य रूप से सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी से जुड़े करियर तक सीमित माना जाता था, वहीं अब मार्केटिंग, फाइनेंस, कंटेंट, सेल्स, हेल्थकेयर और ऑपरेशंस जैसे क्षेत्रों में भी AI स्किल्स की मांग बढ़ रही है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक जनवरी 2023 से मार्च 2025 के बीच दक्षिण एशिया में AI से संबंधित जॉब पोस्टिंग कुल रिक्तियों के 2.9% से बढ़कर 6.5% हो गईं। इसी अवधि में AI स्किल्स की मांग गैर-AI भूमिकाओं की तुलना में 75% ज्यादा तेजी से बढ़ी। AI कंपनियों के काम करने के तरीके को तेजी से बदल रहा है। कई कंपनियां अब ऐसे उम्मीदवारों को प्राथमिकता दे रही हैं, जो अपने पारंपरिक विषय के साथ AI टूल्स और डिजिटल तकनीकों का इस्तेमाल करना जानते हों। एक रिपोर्ट के अनुसार भारत में 2026 में AI और डेटा से जुड़ी भूमिकाओं की मांग में भी मजबूत वृद्धि देखी गई है, जबकि Generative AI से संबंधित हायरिंग में तेज उछाल दर्ज किया गया। इससे संकेत मिलता है कि कंपनियों को केवल सामान्य IT प्रोफाइल के बजाय विशेष AI और डेटा स्किल्स वाले उम्मीदवारों की जरूरत बढ़ रही है। AI का इस्तेमाल अब केवल कोडिंग या सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट में नहीं हो रहा है। HR, डिजिटल मार्केटिंग, विज्ञापन, कंटेंट क्रिएशन, सेल्स और बिजनेस ऑपरेशंस में भी AI आधारित काम बढ़ रहा है। Apna की 2026 AI Readiness रिपोर्ट से भी संकेत मिलता है कि AI स्किल्स की जरूरत टेक्नोलॉजी के अलावा क्रिएटिव और बिजनेस भूमिकाओं में भी बढ़ रही है। इसका मतलब है कि कॉमर्स, मैनेजमेंट, आर्ट्स या अन्य विषयों से पढ़ाई करने वाले युवा भी AI को अपने करियर में शामिल कर सकते हैं। AI क्षेत्र में करियर बनाने की तैयारी कर रहे युवाओं को केवल किसी एक AI टूल का इस्तेमाल सीखने के बजाय व्यापक स्किल सेट विकसित करना चाहिए। इसके साथ ही प्रॉब्लम सॉल्विंग, कम्युनिकेशन, क्रिटिकल थिंकिंग और टीमवर्क जैसी सॉफ्ट स्किल्स भी महत्वपूर्ण रहेंगी। AI को लेकर युवाओं में सबसे बड़ा सवाल नौकरी को लेकर है। हालांकि मौजूदा रिपोर्ट्स तस्वीर को केवल नौकरी खत्म होने के रूप में नहीं दिखातीं। Cognizant और Pearson की रिपोर्ट के अनुसार भारत में एंट्री-लेवल काम का एक बड़ा हिस्सा AI से प्रभावित हो रहा है, लेकिन कंपनियों का मानना है कि AI कर्मचारियों को दोहराव वाले कामों से हटाकर अधिक रणनीतिक और उच्च-मूल्य वाले कार्यों की ओर ले जा सकता है। रिपोर्ट में यह भी संकेत दिया गया है कि आने वाले वर्षों में ऐसे नए एंट्री-लेवल रोल सामने आ सकते हैं, जो आज मौजूद ही नहीं हैं। इसलिए युवाओं के लिए AI को नौकरी के खतरे के बजाय नई स्किल और नए करियर अवसर के रूप में समझना महत्वपूर्ण है। AI का प्रभाव इतना व्यापक हो रहा है कि भविष्य में केवल AI इंजीनियरों के लिए ही AI ज्ञान जरूरी नहीं रहेगा। HR, मार्केटिंग, लीगल, सेल्स और ऑपरेशंस जैसे गैर-तकनीकी क्षेत्रों में भी AI literacy महत्वपूर्ण होती जा रही है। यानी किसी छात्र का लक्ष्य अगर सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनना नहीं भी है, तब भी उसे यह समझना फायदेमंद होगा कि AI टूल्स का इस्तेमाल अपने काम को तेज और बेहतर बनाने के लिए कैसे किया जा सकता है। भारत में फ्रेशर्स की भर्ती को लेकर भी 2026 की दूसरी छमाही में सकारात्मक संकेत मिले हैं। TeamLease EdTech के Career Outlook Report के मुताबिक जुलाई-दिसंबर 2026 के दौरान 75% नियोक्ताओं ने फ्रेशर्स को नियुक्त करने की योजना जताई है। हालांकि कंपनियां अब केवल डिग्री के आधार पर उम्मीदवार चुनने के बजाय जॉब-रेडी और व्यावहारिक स्किल्स पर ज्यादा ध्यान दे रही हैं। ऐसे में AI, डेटा, क्लाउड और डिजिटल टूल्स की जानकारी युवाओं को प्रतिस्पर्धी बढ़त दे सकती है। AI में करियर बनाने के लिए शुरुआत महंगे कोर्स से करना जरूरी नहीं है। युवा पहले AI की बुनियादी समझ विकसित कर सकते हैं और इसके बाद अपनी रुचि के अनुसार किसी विशेष क्षेत्र का चुनाव कर सकते हैं। पहला चरण: AI और Generative AI की बेसिक जानकारी लें। दूसरा चरण: Python, डेटा एनालिटिक्स या Prompt Engineering जैसी स्किल सीखें। तीसरा चरण: छोटे-छोटे प्रोजेक्ट बनाएं और उन्हें अपने पोर्टफोलियो में शामिल करें। चौथा चरण: Internship, freelance projects और entry-level opportunities के जरिए वास्तविक अनुभव हासिल करें। पांचवां चरण: AI क्षेत्र में लगातार होने वाले बदलावों के साथ अपनी स्किल्स को अपडेट करते रहें। AI अब केवल भविष्य की तकनीक नहीं रह गई है, बल्कि भारत के मौजूदा जॉब मार्केट को प्रभावित कर रही है। AI और डेटा से जुड़े अवसरों में वृद्धि, गैर-तकनीकी क्षेत्रों में AI का विस्तार और कंपनियों की बदलती भर्ती प्राथमिकताएं युवाओं के लिए एक स्पष्ट संकेत हैं कि AI literacy और practical AI skills आने वाले करियर में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। युवाओं के लिए सबसे बेहतर रणनीति यह होगी कि वे केवल “AI नौकरी” तलाशने के बजाय अपने मौजूदा करियर क्षेत्र के साथ AI को जोड़ें। इससे वे बदलते जॉब मार्केट के लिए ज्यादा तैयार हो सकते हैं।युवाओं के लिए AI क्यों बन रहा है करियर का बड़ा विकल्प?
सिर्फ इंजीनियरिंग छात्रों तक सीमित नहीं AI करियर
कौन-सी AI स्किल्स युवाओं के लिए महत्वपूर्ण?
प्रमुख स्किल्स
AI से नौकरी खत्म होगी या नए अवसर बनेंगे?
AI Literacy अब हर करियर में जरूरी
फ्रेशर्स के लिए बढ़ रही स्किल की अहमियत
युवाओं को कैसे शुरू करनी चाहिए AI की तैयारी?
निष्कर्ष















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