उज्जैन,  मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित सम्राट् विक्रमादित्य विश्वविद्यालय की हिंदी अध्ययनशाला द्वारा पीएम उषा योजनांतर्गत आज सोमवार से घुमंतू एवं विमुक्त समुदायों की परंपरा, साहित्य और संस्कृति एवं भक्ति काव्य' के विविध आयामों पर केंद्रित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है। एमपी कॉन भोपाल के सहयोग से आयोजित इस संगोष्ठी में देश के कई राज्यों के विशेषज्ञ और शोधकर्ता भाग लेंगे।

विश्वविद्यालय के कुलानुशासक एवं हिंदी विभागाध्यक्ष प्रोफेसर शैलेंद्र कुमार शर्मा और मुख्य समन्वयक प्रो. जगदीश चंद्र शर्मा ने बताया कि यह बौद्धिक समागम विश्वविद्यालय के वाग्देवी भवन स्थित राष्ट्रभाषा सभागार में प्रतिदिन प्रातः 10:30 बजे से सायं 5:00 बजे तक आयोजित किया जाएगा। दो दिनों तक चलने वाली इस संगोष्ठी में अलग-अलग महत्वपूर्ण विषयों पर गहन विमर्श होगा।

उन्होंने बताया कि संगोष्ठी में प्रथम दिन 'विमुक्त एवं घुमंतु समुदायों की परंपराओं में लोक साहित्य एवं संस्कृति के विविध आयाम' पर विशेष संगोष्ठी सत्र आयोजित होगा। वहीं, दूसरे दिन 24 फरवरी को 'भक्तिकालीन साहित्य: विविध धाराओं का वैशिष्ट्य और युगीन प्रासंगिकता' विषय पर मंथन किया जाएगा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी प्रबुद्ध जनों, साहित्यकारों और विद्यार्थियों से इन ज्ञान सत्रों में उपस्थिति का अनुरोध किया है।