JSSC-CGL पेपर लीक मामला: जांच की आंच पटना तक पहुंची, CID ने युवक तनिष कुमार से 3 घंटे की पूछताछ
पटना/रांची: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की संयुक्त स्नातक स्तरीय (CGL) परीक्षा के कथित पेपर लीक मामले में जांच का दायरा अब बिहार की राजधानी पटना तक पहुंच गया है। झारखंड अपराध अनुसंधान विभाग (CID) की विशेष जांच टीम ने सोमवार, 2 नवंबर 2026 को पटना में छापेमारी कर एक युवक को हिरासत में लिया और उससे करीब तीन घंटे तक पूछताछ की। युवक की पहचान तनिष कुमार के रूप में हुई है। CID की टीम ने पटना के बेऊर थाना क्षेत्र के भूपतिपुर इलाके में स्थानीय पुलिस के सहयोग से यह कार्रवाई की। पूछताछ के दौरान युवक से कथित पेपर लीक नेटवर्क, झारखंड में सक्रिय आरोपितों और परीक्षा से जुड़े संभावित संपर्कों के बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश की गई। इस कार्रवाई के बाद JSSC-CGL पेपर लीक मामले में बिहार और झारखंड के बीच कथित नेटवर्क को लेकर जांच एजेंसियों की सक्रियता बढ़ गई है। मिली जानकारी के अनुसार, झारखंड CID की चार सदस्यीय विशेष टीम पटना पहुंची थी। टीम का नेतृत्व डीएसपी भोला प्रसाद सिंह कर रहे थे। उनके साथ तीन सब-इंस्पेक्टर और एक आरक्षी भी शामिल थे। टीम ने बेऊर थाना पुलिस की मदद से सिपारा मटखान के समीप भूपतिपुर इलाके में छापेमारी की। इसके बाद तनिष कुमार को पूछताछ के लिए बेऊर थाना लाया गया। थाने में बंद कमरे के भीतर उससे करीब तीन घंटे तक पूछताछ की गई। जांच अधिकारियों ने यह जानने का प्रयास किया कि उसका JSSC-CGL पेपर लीक मामले में गिरफ्तार आरोपितों और संदिग्ध लोगों से किसी प्रकार का संपर्क था या नहीं। CID की जांच का मुख्य उद्देश्य कथित पेपर लीक नेटवर्क की पूरी कड़ी का पता लगाना है। एजेंसी यह जानने की कोशिश कर रही है कि परीक्षा से पहले प्रश्न और उत्तर अभ्यर्थियों तक कैसे पहुंचे, इस नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल थे और अलग-अलग राज्यों में इसके संपर्क किस प्रकार काम कर रहे थे। पटना में की गई कार्रवाई को इसी जांच का हिस्सा माना जा रहा है। अधिकारियों ने तनिष कुमार से उसके संभावित संपर्कों और मामले से जुड़ी जानकारियों को लेकर सवाल-जवाब किए। हालांकि, पूछताछ के दौरान युवक ने क्या जानकारी दी और जांच टीम को कौन से नए सुराग मिले, इसका आधिकारिक खुलासा फिलहाल नहीं किया गया है। पूछताछ के बाद CID की टीम तनिष कुमार को आगे की कार्रवाई के लिए रांची ले जाना चाहती थी। हालांकि, अंतरराज्यीय कानूनी औपचारिकताओं और आवश्यक प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण टीम उसे तत्काल अपने साथ नहीं ले जा सकी। इसके बाद युवक को जांच में शामिल होने के लिए नोटिस दिया गया। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर CID की टीम वापस लौट गई। इसका अर्थ है कि फिलहाल युवक को पूछताछ के बाद नोटिस देकर छोड़ा गया है। उसकी गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है। जरूरत पड़ने पर उसे दोबारा पूछताछ के लिए रांची बुलाया जा सकता है।DSP भोला प्रसाद सिंह के नेतृत्व में पहुंची CID की टीम
पेपर लीक नेटवर्क से जुड़े संपर्कों की तलाश
नोटिस देकर वापस लौटी CID की टीम















