फ्रेशर्स के लिए अच्छी खबर: 75% कंपनियां 2026 की दूसरी छमाही में करेंगी भर्ती, AI और डिजिटल स्किल्स की बढ़ी मांग

नई दिल्ली: देश में नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं और खासकर फ्रेशर्स के लिए अच्छी खबर सामने आई है। TeamLease EdTech की Career Outlook Report HY2 2026 के मुताबिक जुलाई से दिसंबर 2026 के दौरान 75% कंपनियां फ्रेशर्स को नौकरी देने की योजना बना रही हैं। यह आंकड़ा 2026 की पहली छमाही के 73% के मुकाबले 2 प्रतिशत अंक अधिक है। रिपोर्ट में 1,097 कंपनियों के सर्वे को शामिल किया गया है।

हालांकि रिपोर्ट यह भी बताती है कि फ्रेशर्स के लिए नौकरी का बाजार पूरी तरह एक जैसा नहीं है। कुछ सेक्टर तेजी से भर्ती बढ़ा रहे हैं, जबकि IT और Consulting जैसे क्षेत्रों में कंपनियां उम्मीदवारों की स्किल्स और job-readiness को लेकर ज्यादा चयनात्मक हो गई हैं।

ई-कॉमर्स और रिटेल सेक्टर में सबसे ज्यादा मौके

रिपोर्ट के मुताबिक E-commerce और Technology Start-ups तथा Retail, दोनों सेक्टरों में 93% कंपनियों ने फ्रेशर्स को हायर करने की इच्छा जताई है। इसके बाद Manufacturing सेक्टर 89% के साथ तीसरे स्थान पर है।

इसके अलावा FMCG सेक्टर में 86% और Travel & Hospitality में 81% कंपनियां फ्रेशर्स की भर्ती करने की योजना बना रही हैं। इससे संकेत मिलता है कि 2026 की दूसरी छमाही में फ्रेशर्स के लिए अवसर सिर्फ IT कंपनियों तक सीमित नहीं रहने वाले हैं।

प्रमुख सेक्टरों में फ्रेशर हायरिंग इंटेंट

सेक्टरफ्रेशर्स को हायर करने की इच्छा
E-commerce & Technology Start-ups93%
Retail93%
Manufacturing89%
FMCG86%
Travel & Hospitality81%
IT76%

IT सेक्टर में 76% कंपनियों ने फ्रेशर्स को हायर करने की इच्छा जताई है। हालांकि यह पहली छमाही के 81% से कम है। यानी IT में अवसर बने हुए हैं, लेकिन कंपनियां अब उम्मीदवारों की practical skills को ज्यादा महत्व दे रही हैं।

सिर्फ डिग्री से नहीं मिलेगी नौकरी, स्किल्स पर जोर

रिपोर्ट का सबसे महत्वपूर्ण संकेत यह है कि कंपनियों का फोकस degree-based hiring से capability-based hiring की ओर बढ़ रहा है।

कंपनियां ऐसे फ्रेशर्स चाहती हैं जो नौकरी शुरू करने के साथ ही वास्तविक प्रोजेक्ट पर काम कर सकें। खासकर AI, data, cloud, cybersecurity और digital technologies से जुड़ी practical knowledge उम्मीदवारों के लिए महत्वपूर्ण होती जा रही है।

TeamLease EdTech के Founder और CEO Shantanu Rooj के मुताबिक, मौजूदा दौर में सवाल सिर्फ यह नहीं है कि कितने फ्रेशर्स को नौकरी मिलेगी, बल्कि यह भी महत्वपूर्ण है कि कौन-से फ्रेशर्स नौकरी के लिए तैयार हैं।

AI और टेक्नोलॉजी से जुड़ी स्किल्स की मांग

रिपोर्ट में फ्रेशर्स के लिए कई ऐसी स्किल्स की पहचान की गई है जिनकी कंपनियों में मांग बढ़ रही है। इनमें Full-Stack Engineering, Cloud Security, Business Analytics, Healthcare Technology, Machine Learning & Predictive Modelling, Big Data Engineering और Semiconductor Design जैसी स्किल्स शामिल हैं।

इसके अलावा AI के बढ़ते इस्तेमाल के कारण AI Application Developer जैसे नए job roles भी युवाओं के लिए महत्वपूर्ण बन रहे हैं।

इसका मतलब है कि कॉलेज की पढ़ाई के साथ यदि छात्र AI tools, programming, data analytics, cloud technologies या cybersecurity जैसी practical skills सीखते हैं, तो उनके पास नौकरी के लिए बेहतर विकल्प हो सकते हैं।

Bengaluru सबसे आगे, Mumbai और Chennai भी मजबूत

शहरों के हिसाब से Bengaluru फ्रेशर हायरिंग के मामले में सबसे आगे है। यहां 89% कंपनियों ने जुलाई-दिसंबर 2026 के दौरान फ्रेशर्स को हायर करने की इच्छा जताई है।

इसके बाद Mumbai में 75% और Chennai में 71% कंपनियों का hiring intent रहा। Hyderabad 60%, Delhi 49% और Pune 41% के साथ अगले प्रमुख शहरों में रहे।

इससे पता चलता है कि बड़े टेक और बिजनेस हब के साथ-साथ अन्य शहरों में भी entry-level employment opportunities मौजूद हैं।

IT में अवसर हैं, लेकिन competition बढ़ा

फ्रेशर्स के लिए सबसे दिलचस्प पहलू IT सेक्टर का आंकड़ा है। कुल मिलाकर 75% employers फ्रेशर्स को हायर करने की योजना बना रहे हैं, लेकिन IT में hiring intent 81% से घटकर 76% हो गया है।

इसका अर्थ यह नहीं है कि IT में नौकरियां खत्म हो रही हैं। बल्कि कंपनियां अब entry-level candidates से पहले की तुलना में ज्यादा AI fluency, problem-solving ability और hands-on project experience की अपेक्षा कर रही हैं।

किन जॉब प्रोफाइल पर नजर रखें?

रिपोर्ट में फ्रेशर्स के लिए कई उभरते हुए job roles की ओर संकेत किया गया है। इनमें शामिल हैं:

  • Full-Stack Developer/Engineer
  • AI Application Developer
  • Cybersecurity Analyst
  • Cloud Security Professional
  • Business/Data Analyst
  • Data Centre Operations Associate
  • Digital Marketing Executive
  • Automation & Controls Engineer
  • Supply Chain Planner
  • Semiconductor-related roles
  • Healthcare Technology roles

युवाओं को अपनी पढ़ाई और रुचि के अनुसार इनमें से किसी एक क्षेत्र में specialization विकसित करने पर ध्यान देना चाहिए।

Soft Skills भी रहेंगी महत्वपूर्ण

सिर्फ technical knowledge ही पर्याप्त नहीं होगी। कंपनियां critical thinking, adaptability, accountability, attention to detail और work ethics जैसी soft skills को भी महत्व दे रही हैं।

इसके अलावा communication skills और workplace readiness भी fresher hiring में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

फ्रेशर्स के लिए क्या है इस रिपोर्ट का संदेश?

TeamLease EdTech की रिपोर्ट से साफ संकेत मिलता है कि 2026 की दूसरी छमाही में entry-level hiring का माहौल पिछले छह महीनों की तुलना में बेहतर हुआ है। 75% का overall hiring intent युवाओं के लिए सकारात्मक संकेत है।

लेकिन इसका दूसरा पहलू भी उतना ही महत्वपूर्ण है। कंपनियां अब सिर्फ degree या marks के आधार पर उम्मीदवारों का चयन नहीं करना चाहतीं। Practical skills, AI knowledge, internships, live projects और problem-solving ability नौकरी पाने में बड़ा अंतर पैदा कर सकते हैं।

युवाओं को अभी क्या करना चाहिए?

अगर आप 2026 में graduation पूरी कर रहे हैं या हाल ही में graduate हुए हैं, तो अगले कुछ महीनों में इन चीजों पर फोकस करना फायदेमंद हो सकता है:

  1. अपने क्षेत्र की एक प्रमुख technical skill चुनें।
  2. AI tools और AI-based workflows सीखें।
  3. कम से कम 2-3 practical projects अपने resume में शामिल करें।
  4. Internship या apprenticeship के अवसर तलाशें।
  5. LinkedIn और अन्य professional platforms पर profile अपडेट रखें।
  6. Communication और interview skills पर काम करें।
  7. केवल IT jobs पर निर्भर रहने के बजाय Manufacturing, Retail, E-commerce, FMCG और Logistics जैसे sectors में भी आवेदन करें।

निष्कर्ष

75% employers का fresher hiring intent भारत के entry-level job market के लिए सकारात्मक संकेत है। E-commerce, Technology Start-ups, Retail और Manufacturing जैसे सेक्टर इस समय सबसे ज्यादा hiring momentum दिखा रहे हैं।

हालांकि नौकरी पाने की प्रतिस्पर्धा भी बदल रही है। अब कंपनियां ऐसे युवाओं को प्राथमिकता दे रही हैं जो पहले दिन से काम करने के लिए तैयार हों और AI तथा डिजिटल तकनीकों का इस्तेमाल करना जानते हों।

इसलिए फ्रेशर्स के लिए 2026 की दूसरी छमाही अवसरों से भरी हो सकती है, लेकिन सिर्फ डिग्री नहीं, बल्कि practical skills ही नौकरी पाने की असली कुंजी बनती जा रही है।