रांची / झारखंड : झारखंड में बच्चों की सुरक्षा, देखभाल और पुनर्वास से जुड़ी केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना मिशन वात्सल्य के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर आज समीक्षा की जाएगी। इस संबंध में CID की ओर से राज्य के सभी जिलों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। समीक्षा का मुख्य उद्देश्य योजना के तहत संचालित बाल संरक्षण से जुड़ी व्यवस्थाओं की स्थिति का आकलन करना और उनके क्रियान्वयन में आ रही समस्याओं को दूर करना है।

मिशन वात्सल्य के तहत अनाथ, बेसहारा, परित्यक्त, लापता और संकटग्रस्त परिस्थितियों में रह रहे बच्चों को सुरक्षा, देखभाल और पुनर्वास उपलब्ध कराने का प्रावधान है। ऐसे में योजना का लाभ जरूरतमंद बच्चों तक पहुंचाने के लिए जिला स्तर पर संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है।

सभी जिलों से मांगी गई जानकारी

CID की ओर से सभी जिलों को निर्देश जारी कर मिशन वात्सल्य के क्रियान्वयन से संबंधित आवश्यक तैयारियां और जानकारियां उपलब्ध कराने को कहा गया है। समीक्षा के दौरान जिलों में बाल संरक्षण से जुड़ी व्यवस्थाओं, संबंधित इकाइयों की कार्यप्रणाली और योजना की प्रगति पर चर्चा की जाएगी।

इसमें जिला बाल संरक्षण इकाई (DCPU), बाल कल्याण समिति (CWC), किशोर न्याय बोर्ड (JJB) और बाल देखरेख संस्थानों की भूमिका महत्वपूर्ण है।

क्या है मिशन वात्सल्य योजना?

मिशन वात्सल्य महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार की केंद्र प्रायोजित योजना है। इसका उद्देश्य कठिन परिस्थितियों में रहने वाले बच्चों को संरक्षण देना और उनके बेहतर भविष्य के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

योजना के तहत बच्चों को संस्थागत और गैर-संस्थागत देखभाल की सुविधा दी जाती है। इसमें अनाथ और जरूरतमंद बच्चों का पुनर्वास, परिवार से पुनर्मिलन, फोस्टर केयर, स्पॉन्सरशिप और अन्य बाल संरक्षण सेवाएं शामिल हैं।

बाल संरक्षण व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर

मिशन वात्सल्य के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिला स्तर पर कई महत्वपूर्ण संस्थाएं काम करती हैं।

  • जिला बाल संरक्षण इकाई (DCPU): जरूरतमंद बच्चों की पहचान और बाल संरक्षण सेवाओं का समन्वय।

  • बाल कल्याण समिति (CWC): देखभाल और संरक्षण की जरूरत वाले बच्चों से जुड़े मामलों पर निर्णय।

  • किशोर न्याय बोर्ड (JJB): कानून से संघर्ष की स्थिति में आए बच्चों से संबंधित मामलों का निपटारा।

  • बाल देखरेख संस्थान (CCI): जरूरतमंद बच्चों को सुरक्षित आवास, भोजन, शिक्षा और देखभाल उपलब्ध कराना।

  • चाइल्ड हेल्पलाइन 1098: संकट में फंसे बच्चों को सहायता और संरक्षण उपलब्ध कराना।

जरूरतमंद बच्चों को मिलती है आर्थिक सहायता

मिशन वात्सल्य के तहत स्पॉन्सरशिप योजना के माध्यम से पात्र बच्चों को आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई जाती है। झारखंड में इस योजना के अंतर्गत पात्र बच्चों को प्रतिमाह 4,000 रुपये की सहायता देने का प्रावधान है। इसका उद्देश्य बच्चों की शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को पूरा करने में परिवारों की मदद करना है।

आज की समीक्षा पर रहेगी नजर

आज होने वाली समीक्षा में सभी जिलों की ओर से उपलब्ध कराई जाने वाली जानकारी और बाल संरक्षण व्यवस्था की स्थिति महत्वपूर्ण रहेगी। समीक्षा के माध्यम से योजना के क्रियान्वयन में आ रही चुनौतियों की पहचान कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने पर जोर रहने की उम्मीद है।

झारखंड में बाल संरक्षण व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए यह जरूरी है कि सरकारी योजनाओं का लाभ केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि जरूरतमंद बच्चों तक समय पर पहुंचे। अब देखना होगा कि आज की समीक्षा में किन मुद्दों पर विशेष चर्चा होती है और जिलों को आगे क्या निर्देश दिए जाते हैं।

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