कोलकाता,  पश्चिम बंगाल में स्वास्थ्य क्षेत्र में पारदर्शिता एवं 'डॉक्टरों और कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए सोमवार को साल्ट लेक स्थित स्वास्थ्य भवन में बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में राज्य के हेल्थ सेक्रेटरी नारायण स्वरूप निगम के अलावा भाजपा के नौ डॉक्टर एवं विधायक भी मौजूद रहे।

बेहाला पश्चिम के विधायक इंद्रनील खान, बिधाननगर के विधायक शारद्वत मुखर्जी, अशोकनगर के विधायक सुमय हीरा, सिंगुर के विधायक अरूप दास सिंह, जामुड़िया के विधायक बिजन मुखर्जी, कुल्टी के विधायक अजय पोद्दार, चांदीपुर के विधायक पीयूषकांति दास, तमलुक के विधायक हरेकृष्ण बेरा और बिनपुर के विधायक प्रणोद टुडू मौजूद थे। बैठक करीब ढाई घंटे तक चली। बैठक के बाद चिकित्सकों ने कहा कि बैठक सफल रही। हम इस मुद्दे पर एक रिपोर्ट तैयार करके मुख्यमंत्री को सौंपेंगे।

इस मौके पर विधायक शारद्वत मुखर्जी ने कहा कि वेस्ट बंगाल मेडिकल एजुकेशन सर्विस के मेडिकल शिक्षकों की क्या दिक्कतें हैं और उसके समाधान क्या हो सकते हैं इस बारे में चर्चा हुई। मेडिकल छात्रों की सुरक्षा पर भी बातचीत की हुई। हमने प्राइवेट मेडिकल कॉलेज और प्राइवेट मेडिकल ढांचे पर भी चर्चा की गई। समय की कमी के कारण फार्मेसी और डेंटल भर्ती पर कुछ बात हुई। अगली बैठक में इस पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।

हाल ही में पुरुलिया के एक अस्पताल में एक नर्स पर हमले के आरोप सामने आए थे। उस घटना पर चिकित्सक और चिकित्सा कर्मियों की सुरक्षा पर बात हुई। बेहाला वेस्ट से चिकित्सक एवं विधायक इंद्रनील खान ने कहा कि हमने सिर्फ चिकित्सक के मुद्दे पर ही नहीं, बल्कि चिकित्सक और चिकित्सा कर्मियों की सुरक्षा के मुद्दे पर भी बात की। साथ ही, इतने लंबे समय से चले आ रहे भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद के लिए अब कोई जगह नहीं होगी। मेधा तालिका के आधार पर अभ्यर्थियों को जगह दी जाएगी।