धर्म के आधार पर भत्ता बंद करने के फैसले का हुमायूं कबीर ने किया स्वागत, पूजा अनुदान पर भी रोक लगाने की मांग
कोलकाता, पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा धर्म के आधार पर दिये जाने वाले भत्तों को बंद करने के फैसले का हुमायूं कबीर ने स्वागत किया है। आम जनता विकास पार्टी के संस्थापक-अध्यक्ष और विधायक हुमायूं कबीर ने इसे सही कदम बताया है। साथ ही उन्होंने दुर्गा पूजा के लिए दी जाने वाली सरकारी अनुदान राशि भी बंद करने की मांग की है।
शुभेंदु सरकार के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए हुमायूं कबीर ने कहा कि किसी एक धर्म के आधार पर विशेष आर्थिक सहायता देना उचित नहीं है। उन्होंने कहा, "भत्ता देना समग्र विकास का रास्ता नहीं है और सरकार का यह फैसला स्वागत योग्य है।" राज्य सरकार को दुर्गा पूजा के लिए दिए जाने वाले अनुदान पर भी पुनर्विचार करना चाहिए और उसे बंद करना चाहिए।
उल्लेखनीय है कि सोमवार को राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में धर्म के आधार पर दी जाने वाली विभिन्न सहायतात्मक योजनाओं को बंद करने का फैसला लिया गया। फैसले की जानकारी देते हुए महिला एवं बाल कल्याण मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने बताया कि सूचना एवं संस्कृति विभाग तथा अल्पसंख्यक मामले और मदरसा शिक्षा विभाग के तहत धर्म आधारित सहायता योजनाएं अब नहीं चलेंगी।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के निर्देश पर यह निर्णय लिया गया है। इसके तहत पूर्ववर्ती ममता बनर्जी सरकार के समय शुरू की गई इमाम, मुअज्जिन और पुजारी भत्ता योजनाएं बंद की जाएगी।















