नवीनीकरण शुल्क न देने पर 34 निवेश सलाहकारों के पंजीकरण रद्द
नई
दिल्ली, पूंजी बाजार नियामक सेबी ने अनिवार्य नवीनीकरण
शुल्क का भुगतान नहीं करने पर 34 निवेश सलाहकारों के पंजीकरण प्रमाणपत्र
रद्द कर दिए हैं। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने 21
जुलाई के जारी आदेश में कहा कि शुल्क का भुगतान न होने के कारण इन निवेश
सलाहकारों का पंजीकरण स्वतः प्रभावी नहीं रहा और तत्काल प्रभाव से रद्द
किया जाता है।
सेबी ने जांच में पाया कि 34 सलाहकारों ने निर्धारित
समय-सीमा के भीतर ये शुल्क जमा नहीं किया। इसके बाद सेबी ने जून में इन
संस्थाओं को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। पूंजी बाजार नियामक
सेबी (निवेश सलाहकार) विनियम, 2013 के तहत पंजीकृत निवेश सलाहकारों को हर 5
साल में अपना पंजीकरण जारी रखने के लिए नवीनीकरण शुल्क देना अनिवार्य होता
है।
इस फैसले से प्रभावित होने वाले निवेश सलाहकारों में ऐश्वा
फाइनेंशियल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड, एल्गो सिस्टम्स, कैंडीफ्लॉस
इन्वेस्टमेंट एडवाइजर्स, कैपिटलविया ग्लोबल रिसर्च लिमिटेड, प्रॉस्पर
रिसर्च एंड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर्स, द जीआरएस सॉल्यूशन और ट्रेडक्योर
फाइनेंशियल रिसर्च शामिल हैं।
एक अलग आदेश में सेबी ने 11 शोध
विश्लेषकों के पंजीकरण भी रद्द कर दिए हैं। पंजीकृत शोध विश्लेषक को भी हर
पांच साल में नवीनीकरण शुल्क देना होता है।















